National

शाइन 2026: आईसीएमआर ने 30,000 छात्रों को स्वास्थ्य अनुसंधान से जोड़ा

आईसीएमआर-शाइन 2026: 83 स्थानों पर 30,000 स्कूली छात्रों ने जाना स्वास्थ्य अनुसंधान का रोमांच”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने और स्वास्थ्य शोधकर्ताओं की अगली पीढ़ी तैयार करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR) और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने ‘शाइन 2026’ (अगली पीढ़ी के अन्वेषकों के लिए विज्ञान और स्वास्थ्य नवाचार) के दूसरे संस्करण का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “एक दिन वैज्ञानिक बनकर जियो” के आह्वान से प्रेरित यह दो दिवसीय कार्यक्रम (11 और 12 अगस्त 2026) देश भर के 83 स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है।

इस अनूठी पहल के तहत सरकारी और निजी स्कूलों के कक्षा 9 से 12 तक के लगभग 30,000 छात्र स्वास्थ्य अनुसंधान का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण:

  • देशव्यापी विस्तार: हिमाचल प्रदेश में 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित केलॉन्ग से लेकर दक्षिण में केरल तक, और पश्चिम में दीव से लेकर पूर्व में नगालैंड तक आईसीएमआर की प्रयोगशालाओं के द्वार छात्रों के लिए खोले गए हैं।
  • प्रत्यक्ष अनुभव: छात्र निर्देशित प्रयोगशाला भ्रमण, पोस्टर वॉक, लाइव प्रदर्शनियों और वीडियो प्रस्तुतियों में भाग ले रहे हैं।
  • इसके साथ ही, उन्हें आईसीएमआर के वैज्ञानिकों के साथ सीधे संवाद कर उनके दैनिक कार्यों को समझने का मौका मिल रहा है।
  • महानिदेशक का संदेश: आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने छात्रों को जिज्ञासु बने रहने और सवाल पूछने के लिए प्रेरित किया।
  • उन्होंने कहा कि हर खोज एक प्रश्न से शुरू होती है और छात्रों को विज्ञान को केवल एक विषय के रूप में नहीं, बल्कि एक करियर के रूप में अपनाना चाहिए।
  • शुभंकर ‘डॉ. क्यूरियो’ और नई वेबसाइट: वैज्ञानिक जिज्ञासा को जीवंत बनाने के लिए कार्यक्रम के आधिकारिक शुभंकर ‘डॉ. क्यूरियो’ (Dr. Curio) को पेश किया गया। साथ ही, छात्रों के लिए विशेष पोर्टल (shine.icmr.org.in) भी लॉन्च किया गया।
  • राष्ट्रीय प्रतियोगिता: आईसीएमआर ने एक राष्ट्रव्यापी छात्र अनुसंधान प्रतियोगिता की भी घोषणा की है, जिसमें छात्रों को सार्वजनिक स्वास्थ्य की चुनौतियों के समाधान और अपने स्वयं के शोध प्रश्न तैयार करने के लिए आमंत्रित किया गया है।

यह पहल ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप है, जो युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देकर भारत के स्वास्थ्य और विकास लक्ष्यों को मजबूत करने का कार्य कर रही है।

Santosh SETH

Recent Posts

‘भारत भविष्य की तकनीक और इनोवेशन में दुनिया का नेतृत्व करे’- पीएम मोदी

पीएम मोदी का बड़ा आह्वान- "भविष्य की तकनीक और इनोवेशन में दुनिया का नेतृत्व करे…

1 hour ago

MLC चुनाव : जाने यूपी, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक का परिणाम

4 राज्यों की 28 MLC सीटों के नतीजे: यूपी में बीजेपी-सपा की टक्कर, कर्नाटक में…

1 hour ago

चक्रवात अर्नब : आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, ओडिशा-बंगाल में हाई अलर्ट

चक्रवात 'अर्नब' का कहर: आंध्र प्रदेश में उखड़े पेड़, सड़कें जलमग्न; ओडिशा और बंगाल में…

2 hours ago

बिहार MLC चुनाव: मतगणना जारी, 150 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर

बिहार MLC चुनाव: 8 सीटों पर महामुकाबले की मतगणना शुरू, दांव पर 150 उम्मीदवारों की…

1 day ago

गुवाहाटी : होटल में 5 लोगों की गोली मारकर हत्या, लीज विवाद में बड़ा नरसंहार

गुवाहाटी में खौफनाक वारदात: 'होटल बिलास इन' में लीज विवाद को लेकर अंधाधुंध फायरिंग, 5…

1 day ago

ECI का हलफनामा: CEC पर लगे ‘एकतरफा फैसले’ के आरोपों को नकारा

चुनाव आयोग का सुप्रीम कोर्ट में जवाब: CEC के 'एकतरफा फैसले' के आरोपों को नकारा,…

1 day ago