विदर्भ से कोंकण तक केसरिया लहर : महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव में महायुति ने किया क्लीन स्वीप
“महाराष्ट्र में आज, 21 दिसंबर 2025 को घोषित हुए 288 नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज की है, जिसे आगामी महानगरपालिका चुनावों (जैसे BMC) के लिए एक निर्णायक संकेत माना जा रहा है”
मुंबई 21 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
यहाँ इस चुनाव के नतीजों और घटनाक्रम का विस्तृत विवरण दिया गया है:
🏛️ चुनावी नतीजे: एक नज़र में
288 स्थानीय निकायों (246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत) में हुए चुनावों में महायुति ने लगभग 75% सीटों पर कब्जा जमाया है।
| पार्टी/गठबंधन | निर्वाचित नगराध्यक्ष (लगभग) | मुख्य विशेषता |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 129 | 3,300 से अधिक पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी। |
| शिवसेना (एकनाथ शिंदे) | 59 | ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन। |
| एनसीपी (अजित पवार) | 37 | पश्चिम महाराष्ट्र के अपने गढ़ों को सुरक्षित रखा। |
| महा विकास अघाड़ी (MVA) | 49 | कांग्रेस (32), उद्धव सेना (8), शरद पवार गुट (9)। |
📈 प्रमुख घटनाक्रम और बड़ी बातें
1. ‘क्लीन स्वीप’ की ओर महायुति
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परिणामों के बाद नागपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जनता ने “नकारात्मकता” को नकार कर “विकास” को चुना है। उन्होंने बताया कि लगभग 48% सदस्य अकेले बीजेपी के चुनाव चिन्ह पर जीत कर आए हैं। जीत का यह आंकड़ा विदर्भ, उत्तर महाराष्ट्र और कोंकण में सबसे अधिक रहा।
2. विपक्ष के लिए बड़ा झटका
महा विकास अघाड़ी (MVA) के लिए ये नतीजे चिंताजनक रहे। विशेष रूप से शिवसेना (UBT) और एनसीपी (शरद पवार गुट) की सीटों में भारी गिरावट देखी गई। विपक्ष ने इन नतीजों पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया है:
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हर्षवर्धन सपकाल (कांग्रेस): “चुनाव आयोग ने महायुति की जिस तरह से मदद की है, उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं।”
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अंबादास दानवे (शिवसेना UBT): “सत्ता पक्ष ने धनबल और बाहुबल का नंगा नाच किया है।”
3. विवाद और आरोप-प्रत्यारोप
चुनाव के दूसरे चरण (20 दिसंबर) के दौरान कई जगहों पर हिंसा और धांधली के आरोप लगे:
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अंबरनाथ: यहाँ 200 से अधिक महिलाओं को फर्जी वोटिंग के लिए लाने के आरोप में भारी तनाव रहा।
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पनवेल: एक ही व्यक्ति के नाम पर 268 वोटर्स दर्ज होने की बात सामने आई, जिस पर विपक्ष ने ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया।
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चिखलदरा: यहाँ बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा की सीट थी, लेकिन कांग्रेस ने बीजेपी को मात देकर बड़ा उलटफेर किया।
4. प्रधानमंत्री मोदी का आभार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए महाराष्ट्र की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जीत “जन-केंद्रित विकास” की दृष्टि पर लोगों के अटूट विश्वास का प्रतीक है।
🗺️ क्षेत्रीय विश्लेषण
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लातूर: बीजेपी ने 5 में से 4 स्थानीय निकायों में अध्यक्ष पद जीतकर कांग्रेस के इस पुराने गढ़ में सेंध लगाई।
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पूर्व विदर्भ: यहाँ 55 में से 33 सीटों पर बीजेपी का कब्जा रहा, जबकि कांग्रेस केवल 13 पर सिमट गई।
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बारामती: अजित पवार गुट ने यहाँ अपना वर्चस्व बनाए रखा है, जो उनकी गठबंधन में स्थिति को और मजबूत करता है।
महाराष्ट्र के नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों में विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े उलटफेर देखने को मिले हैं।
यहाँ आपके लिए प्रमुख जिलों और क्षेत्रों के विशिष्ट विस्तृत नतीजे दिए गए हैं:
1. विदर्भ: भाजपा का अभेद्य किला
विदर्भ की 55 नगर परिषद सीटों में से महायुति ने 40 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की है।
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नागपुर जिला: यहाँ की 9 नगर परिषदों में से 7 पर भाजपा ने कब्जा किया है। रामटेक और कामठी में भाजपा को एकतरफा जीत मिली।
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अमरावती: यहाँ चिखलदरा सीट पर कांग्रेस ने भाजपा को हराकर सबको चौंका दिया, लेकिन बाकी जिले में भाजपा का दबदबा रहा।
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बुलढाणा: यहाँ कांग्रेस के हर्षवर्धन सपकाल के कड़े विरोध के बावजूद महायुति ने 11 में से 7 सीटों पर बढ़त बनाई।
2. मराठवाड़ा: लातूर और नांदेड़ में बड़ा बदलाव
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लातूर: यह कभी कांग्रेस का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता था। यहाँ की 5 नगर परिषदों में से 4 पर भाजपा ने जीत हासिल की है। केवल एक सीट पर कांग्रेस अपना अध्यक्ष बनाने में सफल रही।
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छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद): यहाँ अंबादास दानवे (शिवसेना UBT) के प्रयासों के बावजूद एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भाजपा ने मिलकर अधिकांश सीटों पर कब्जा किया।
3. पश्चिम महाराष्ट्र: पवार बनाम पवार की जंग
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बारामती क्षेत्र: यहाँ अजित पवार की एनसीपी ने अपना वर्चस्व कायम रखा है। शरद पवार गुट को यहाँ बड़ी हार का सामना करना पड़ा है।
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पुणे जिला: यहाँ की नगर पंचायतों में महायुति (खासकर अजित पवार और भाजपा) ने 15 में से 11 सीटों पर कब्जा किया है।
4. कोंकण और मुंबई से सटे इलाके: शिंदे का प्रभाव
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रायगढ़ और ठाणे जिला: यहाँ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने अपना दबदबा दिखाया है।
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पनवेल: यहाँ भाजपा ने विपक्ष के ‘फर्जी वोटिंग’ के आरोपों के बीच भारी बहुमत से जीत दर्ज की है।
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अंबरनाथ: यहाँ तनावपूर्ण माहौल के बीच शिंदे गुट ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।
📉 पार्टी-वार स्थिति (वार्ड के अनुसार अनुमानित)
पार्षदों की संख्या के मामले में भी भाजपा ने रिकॉर्ड बनाया है:
| पार्टी | कुल पार्षद (लगभग) | स्थिति |
| भाजपा | 3,300+ | शहरी इलाकों में नंबर 1 |
| शिवसेना (शिंदे) | 1,100+ | ठाणे-कोंकण में मजबूत |
| कांग्रेस | 750+ | ग्रामीण विदर्भ में कुछ सीटें बचीं |
| शिवसेना (UBT) | 300+ | भारी नुकसान |
🚨 चुनावी विवादों वाले क्षेत्र
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अंबरनाथ और कल्याण: यहाँ चुनाव के दौरान 200 से अधिक महिलाओं को फर्जी वोटिंग के शक में पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिससे नतीजों के बाद भी यहाँ राजनीतिक गरमाहट बनी हुई है।
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उत्तर महाराष्ट्र (नंदुरबार): यहाँ आदिवासी क्षेत्रों में निर्दलीयों ने 4 सीटों पर खेल बिगाड़ा है, जहाँ अब सत्ता के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो सकती है।











