महाराष्ट्र निकाय चुनाव परिणाम 2025 : 286 नगर परिषदों के नतीजे आज

“महाराष्ट्र की सियासत के लिए आज का दिन बेहद निर्णायक है। राज्य की 286 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए डाले गए वोटों की गिनती आज, 21 दिसंबर (रविवार) सुबह 10 बजे से शुरू होगी”

मुंबई/जालना 21 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

निर्वाचन आयोग के अनुसार, दोपहर तक रुझान साफ होने लगेंगे और शाम तक सभी निकायों की तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। इन नतीजों को अगले महीने होने वाले बड़े नगर निगम चुनावों (जैसे BMC, पुणे, नागपुर) का ‘लिटमस टेस्ट’ माना जा रहा है।

प्रश्न उत्तर
नतीजे कब आएंगे? वोटों की गिनती सुबह 10 बजे से शुरू हो गई है, दोपहर बाद नतीजे स्पष्ट होंगे।
कितने निकायों में चुनाव हुआ? कुल 286 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मतदान हुआ।
अगला बड़ा चुनाव कौन सा है? ये नतीजे जनवरी 2026 में होने वाले बड़े नगर निगमों (BMC आदि) के लिए संकेत होंगे।

मतगणना का पूरा समीकरण

राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार सुरक्षा और निष्पक्षता के मद्देनजर सभी निकायों के नतीजे एक साथ घोषित करने का निर्णय लिया था।

  • पहला फेज (2 दिसंबर): इसमें 263 नगर परिषदों और पंचायतों के लिए मतदान हुआ था।

  • दूसरा फेज (20 दिसंबर): शनिवार को शेष 23 निकायों और 143 रिक्त सदस्य पदों के लिए वोटिंग संपन्न हुई। आज इन दोनों चरणों के वोटों की गिनती एक साथ की जा रही है, जिससे पूरे राज्य का मूड एक साथ पता चलेगा।

महायुति का दावा: ‘दो-तिहाई बहुमत’ का लक्ष्य

मतगणना शुरू होने से पहले ही सत्तारूढ़ महायुति (BJP, शिवसेना-शिंदे, NCP-अजीत पवार) के खेमे में भारी उत्साह देखा जा रहा है। जालना में मीडिया से बात करते हुए मंत्री और बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा:

“जनता का विश्वास प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री फडणवीस की डबल इंजन सरकार पर है। महायुति दो-तिहाई बहुमत से जीतेगी। जालना समेत कई महत्वपूर्ण शहरों में हमारा महापौर और अध्यक्ष चुना जाना तय है।”

सियासी दांव पर महाविकास अघाड़ी (MVA)

विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (कांग्रेस, शिवसेना-UBT और NCP-शरद पवार) के लिए यह चुनाव वापसी का एक सुनहरा मौका है।

  • रणनीति: शहरी इलाकों में बेरोजगारी और स्थानीय बुनियादी सुविधाओं के मुद्दों पर MVA ने महायुति को घेरा है।

  • विदर्भ और मराठवाड़ा: इन क्षेत्रों के नतीजे तय करेंगे कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में ‘सिम्पैथी फैक्टर’ या ‘लोकल मुद्दे’ हावी हैं।

गठबंधन के अंदर ‘दोस्ताना संघर्ष’

इस चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यह है कि कई जगहों पर महायुति के घटक दलों (जैसे शिंदे गुट बनाम अजीत पवार गुट) ने एक-दूसरे के खिलाफ भी चुनाव लड़ा है। इन नतीजों से यह भी साफ होगा कि महायुति के भीतर किस दल की जमीनी पकड़ मजबूत हुई है और आने वाले बड़े चुनावों में ‘बड़े भाई’ की भूमिका कौन निभाएगा।

चुनाव के नतीजों का महत्व

  1. शहरी रुझान: इससे पता चलेगा कि शहरों में बीजेपी का वोट बैंक बरकरार है या नहीं।

  2. सत्ता विरोधी लहर: क्या ढाई साल की सरकार के खिलाफ जनता में कोई नाराजगी है?

  3. निकाय चुनावों का ट्रेलर: जनवरी में होने वाले नगर निगम चुनावों के लिए पार्टियां इसी आधार पर टिकट वितरण करेंगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मतगणना केंद्रों पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए राज्य पुलिस ने भारी सुरक्षा बल तैनात किया है। विशेष रूप से संवेदनशील माने जाने वाले जालना, सोलापुर और कोल्हापुर के केंद्रों पर अतिरिक्त सीसीटीवी और सुरक्षा घेरा बनाया गया है।