Hindu Violence Bangladesh

बांग्लादेश चुनाव से 48 घंटे पहले ‘रेड अलर्ट’: 125 वैश्विक संगठनों की चेतावनी- ‘हिंदुओं का हो रहा है जातीय सफाया’, UN और भारत से हस्तक्षेप की मांग

“बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले महत्वपूर्ण आम चुनावों से ठीक पहले, वैश्विक स्तर पर एक बड़ी चेतावनी जारी की गई है”

ढाका/नई दिल्ली/इंटरनेशनल डेस्क: “The Politics Again”  संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मानवाधिकार समूहों, धार्मिक संगठनों और नागरिक समाज के नेताओं के एक विशाल गठबंधन ने दावा किया है कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय ‘अस्तित्व के संकट’ का सामना कर रहा है।

‘हिंदू एडवांसिंग ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव’ (HAHRI) के नेतृत्व में 15 देशों के 125 से अधिक संगठनों ने एक संयुक्त अपील जारी कर दुनिया का ध्यान इस ओर खींचा है।

यूनुस सरकार पर गंभीर आरोप

अपील में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली मौजूदा अंतरिम सरकार पर तीखे सवाल उठाए गए हैं। पत्र में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान शासन के तहत हिंदुओं का “व्यवस्थित उत्पीड़न” (Systemic Persecution) हो रहा है।

हस्ताक्षरकर्ताओं ने स्थिति को “जातीय और धार्मिक सफाई” (Ethnic and Religious Cleansing) जैसा बताया है, जो बेहद चिंताजनक है।

दीपू चंद्र दास की हत्या का जिक्र

इस अपील में हाल ही में हुई एक नृशंस घटना को प्रमुखता से उठाया गया है। पत्र में दीपू चंद्र दास का नाम विशेष रूप से लिया गया है, जिनकी ईशनिंदा (Blasphemy) के झूठे आरोपों के बाद सरेआम भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो चुनाव के दौरान और उसके बाद हिंसा का यह दौर और भी भयानक रूप ले सकता है।

UN, अमेरिका और भारत से गुहार

इस अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने संयुक्त राष्ट्र (UN), संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ और भारत समेत दुनिया की तमाम बड़ी ताकतों से “तत्काल और निर्णायक उपाय” करने का आह्वान किया है।

उनका कहना है कि अगर दुनिया चुप रही, तो बांग्लादेश से हिंदू आबादी का नामोनिशान मिट सकता है।

चुनाव का संदर्भ

12 फरवरी को बांग्लादेश में जातीय संसद (National Parliament) के लिए वोट डाले जाएंगे। 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद यह देश का पहला राष्ट्रीय चुनाव है।

ऐसे में डर यह है कि राजनीतिक अस्थिरता का खामियाजा अल्पसंख्यक हिंदुओं को भुगतना पड़ सकता है।

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