Rebel TMC MPs outside the Parliament after meeting Lok Sabha Speaker Om Birla regarding a split in the party

TMC में बगावत: बागी सांसद करेंगे नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी में विलय

💥 बंगाल से दिल्ली तक सियासी भूचाल: TMC में अब तक की सबसे बड़ी बगावत, 20 सांसदों ने किया ‘नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी’ में विलय का ऐलान “

नई दिल्ली/कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक बगावत हो गई है। पार्टी के भीतर चल रही कलह अब सीधे देश की संसद तक पहुंच गई है।

टीएमसी के बागी सांसदों के एक बड़े गुट ने अपनी सांसदी बचाने और दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) से बचने के लिए त्रिपुरा की ‘नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी’ के साथ विलय का ऐलान कर दिया है। इस बड़े राजनीतिक धमाके से दिल्ली से लेकर कोलकाता तक की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है।

‘The Politics Again’ की इस विशेष और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में आइए जानते हैं इस बगावत की इनसाइड स्टोरी और बागी सांसदों का पूरा ‘गेम प्लान’:

🏛️ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिले बागी सांसद

रविवार को काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंदोपाध्याय और शताब्दी रॉय सहित टीएमसी के बागी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) ओम बिरला से मुलाकात की।

  • अलग बैठने की मांग: इन सांसदों ने लोकसभा के भीतर खुद के लिए अलग बैठने की व्यवस्था करने की औपचारिक मांग की है।

  • 20 सांसदों का समर्थन: बागी गुट का दावा है कि उनके साथ टीएमसी के 28 में से कुल 20 लोकसभा सांसद मौजूद हैं (जो कि दो-तिहाई बहुमत है)। उन्होंने स्पीकर से उन्हें ‘असली टीएमसी विधायी दल’ के रूप में मान्यता देने की अपील की है।

  • भूपेंद्र यादव से मुलाकात: स्पीकर से मिलने से पहले इन सांसदों ने भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के दिल्ली आवास पर लंबी रणनीतिक बैठक की, जिसमें सायोनी घोष और माला रॉय भी शामिल थीं।

🗣️ बागी गुट का ऐलान: ‘हम NDA के साथ काम करेंगे’

लोकसभा स्पीकर से मुलाकात के बाद बागी टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा:

“हम 20 सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात कर अलग बैठने का अनुरोध करते हुए एक पत्र सौंपा है। ये 20 सांसद हमारी कुल संख्या का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा हैं।

हम ‘नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी’ में विलय कर रहे हैं। आगे चलकर, हम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एनडीए (NDA) के साथ मिलकर देश के लिए काम करेंगे।”

वहीं, बागी गुट के अहम नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा, “हम एक क्षेत्रीय पार्टी में विलय करेंगे क्योंकि नियम यही है। जुलाई में हम असली तृणमूल के नाम की मांग करेंगे क्योंकि हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है। इसका फैसला कोर्ट करेगा। स्पीकर ने सभी 20 हस्ताक्षरों की पुष्टि कर ली है।”

🧠 ‘नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी’ में ही विलय क्यों? क्या है मास्टरप्लान?

‘नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी’ मुख्य रूप से त्रिपुरा आधारित एक छोटी और कम चर्चित क्षेत्रीय राजनीतिक दल है। इसका राजनीतिक आधार पूर्वोत्तर के राज्यों (त्रिपुरा, असम) और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में है।

  • दलबदल कानून से बचाव: टीएमसी के बागियों ने दलबदल विरोधी कानून की कानूनी अड़चनों से बचने के लिए बड़ी चतुराई से इस पार्टी को चुना है।

  • संसद के नियमों के मुताबिक, किसी अलग गुट को सीधे मान्यता नहीं मिल सकती। सांसदी बचाने के लिए किसी मूल दल के साथ विलय करना कानूनी रूप से अनिवार्य था। इस विलय के बाद यह गुट एनडीए गठबंधन को अपना समर्थन सौंप देगा।

🛡️ एक्शन में ममता बनर्जी कैंप

इस भारी बगावत की खबर फैलते ही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली ‘मूल टीएमसी’ ने भी जवाबी कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र भेजा है।

टीएमसी नेता कीर्ति आजाद और सागरिका घोष ने इस पत्र को व्यक्तिगत रूप से स्पीकर को सौंपकर बागियों पर कार्रवाई की मांग की है।

नोट: बंगाल की राजनीति में आए इस सियासी भूचाल, संसद की हर हलचल और दलबदल की अंदरूनी कहानियों की सबसे तेज़ कवरेज के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।