हाजीपुर के राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रतीकात्मक तस्वीर

बिहार / हाजीपुर : सरकारी अस्पताल में महिला से दुष्कर्म, सौ रुपये बनी कीमत

हाजीपुर में इंसानियत शर्मसार: 100 रुपये के लिए सरकारी अस्पताल के एक्स-रे रूम में महिला से दुष्कर्म, वीडियो वायरल”

हाजीपुर :THE POLITICS AGAIN : संतोष सेठ की रिपोर्ट

बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर (Hajipur) से एक बेहद शर्मनाक और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यहाँ के राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सरकारी अस्पताल) में एक स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा महिला के साथ यौन शोषण (Sexual Exploitation) किए जाने का मामला सामने आया है।

इस घिनौनी करतूत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

100 रुपये के बदले चुकानी पड़ी आबरू की कीमत

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला राजापाकर क्षेत्र की ही रहने वाली है। कुछ दिन पहले वह अपने एक परिजन का इलाज कराने के लिए इस सरकारी अस्पताल में पहुंची थी।

  • डॉक्टर ने मरीज को एक्स-रे (X-Ray) कराने की सलाह दी थी।

  • जब महिला एक्स-रे रूम में गई, तो वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारी ने एक्स-रे करने के एवज में उससे 100 रुपये की घूस मांगी।

  • महिला बेहद गरीब थी और उसके पास 100 रुपये नहीं थे। पैसे न दे पाने की मजबूरी का फायदा उठाकर उस दरिंदे कर्मचारी ने महिला के सामने यह घिनौनी शर्त रखी और एक्स-रे रूम के अंदर ही उसका शारीरिक शोषण किया।

सबसे खौफनाक बात यह है कि आरोपी कर्मचारी ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया। सूत्रों का यह भी कहना है कि पीड़ित महिला दिमागी रूप से थोड़ी कमजोर है, जिसका उस कर्मचारी ने भरपूर फायदा उठाया।

एक्स-रे रूम बना कुकर्म का अड्डा

यह वायरल वीडियो बीते 2-3 दिनों से सोशल मीडिया पर लगातार शेयर किया जा रहा है। वीडियो स्पष्ट रूप से राजापाकर सामुदायिक सरकारी अस्पताल के एक्स-रे रूम के अंदर का है और घटना को अंजाम देने वाला शख्स वहीं का स्वास्थ्य कर्मचारी है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश है।

स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, जांच कमेटी गठित

इस शर्मनाक वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी है। हालांकि, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और जिले के सिविल सर्जन इस मामले पर कैमरे के सामने खुलकर बोलने से बच रहे हैं।

  • दोनों अधिकारियों ने सिर्फ इतना कहा है कि मामला संज्ञान में आया है और इसकी जांच की जा रही है।

  • मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जिला स्तरीय जांच टीम गठित की गई है।

  • अस्पताल में जांच करने पहुंची टीम की अधिकारी गुड़िया कुमारी ने बताया, “हम सिविल सर्जन के आदेश पर यहां जांच के लिए आए हैं। यहां से जो भी साक्ष्य मिलेंगे और जो भी बातें सामने आएंगी, उसकी एक विस्तृत लिखित रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंपी जाएगी।”

सिस्टम पर उठते सवाल

भले ही बिहार के स्वास्थ्य अधिकारी इस अश्लील और आपराधिक घटना पर कार्रवाई का दावा कर अपना पल्ला झाड़ रहे हों, लेकिन यह घटना एक बहुत बड़ा सवाल छोड़ जाती है।

जो अस्पताल लोगों को जीवनदान देने के लिए बनाए गए हैं, वहां का एक्स-रे रूम आखिर कुकर्म का अड्डा कैसे बन गया?

एक गरीब महिला जो इलाज की आस में वहां पहुंची थी, उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी? अब देखना यह है कि इस मामले में आरोपी कर्मचारी पर कब और क्या सख्त कार्रवाई होती है।