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राजनाथ सिंह दक्षिण कोरिया पहुंचे, रक्षा और इंडो-पैसिफिक पर वार्ता

एक्शन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह: वियतनाम के बाद पहुंचे दक्षिण कोरिया, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक पर होगी बड़ी डील; करेंगे ‘भारतीय युद्ध स्मारक’ का उद्घाटन”

सियोल/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ (Act East Policy) को धार देते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर दक्षिण कोरिया पहुंच गए हैं।

वियतनाम का सफल दौरा संपन्न करने के बाद 19 से 21 मई तक चलने वाली राजनाथ सिंह की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में सामंजस्य को नई ऊंचाई पर ले जाना है।

रक्षा मंत्रियों की द्विपक्षीय वार्ता, हथियारों के उत्पादन पर जोर

सियोल पहुंचने पर रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

  • द्विपक्षीय वार्ता: दौरे के दौरान राजनाथ सिंह दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री ‘आन ग्यू-बैक’ (Ahn Gyu-baek) के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

  • इस उच्च स्तरीय बैठक में सैन्य सहयोग, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

  • रक्षा उद्योग: रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राजनाथ सिंह दक्षिण कोरिया के अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (DAPA) मंत्री ‘ली योंग-चेओल’ से भी विशेष मुलाकात करेंगे।

  • इसके अलावा, रक्षा मंत्री ‘भारत-कोरिया व्यापार गोलमेज सम्मेलन’ की अध्यक्षता भी करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बड़े उद्योगपति और प्रतिनिधि भाग लेंगे।

कोरियाई युद्ध में भारत के ऐतिहासिक योगदान को नमन

भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्तों की बुनियाद बेहद मजबूत है। कोरियाई युद्ध के दौरान भारत की भूमिका को आज भी ऐतिहासिक माना जाता है।

  • उस मुश्किल वक्त में भारतीय सेना की ’60 पैराशूट फील्ड एम्बुलेंस यूनिट’ ने तीन वर्षों से अधिक समय तक अपनी सेवाएं दी थीं। इस यूनिट ने दो लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया और करीब 2,500 सर्जरी की थीं।

  • युद्ध के बाद भारत ने तटस्थ राष्ट्र प्रत्यावर्तन आयोग (NNRC) की अध्यक्षता भी की थी, और भारतीय सेना की कस्टोडियन फोर्स ने लगभग 2,000 युद्धबंदियों का शांतिपूर्ण प्रत्यावर्तन सुनिश्चित किया था।

‘भारतीय युद्ध स्मारक’ का होगा संयुक्त उद्घाटन

भारत के इसी अदम्य साहस और ऐतिहासिक योगदान की स्मृति में 21 मई को दक्षिण कोरिया में ‘भारतीय युद्ध स्मारक’ (Indian War Memorial) का संयुक्त उद्घाटन किया जाएगा।

इस गौरवशाली कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ दक्षिण कोरिया के मंत्री ‘क्वोन ओह-यूल’ भी शामिल होंगे।

जानकारों का मानना है कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और दक्षिण कोरिया की ‘इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी’ के बीच बढ़ता सामंजस्य दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत बना रहा है, जो चीन की विस्तारवादी नीतियों के बीच इस क्षेत्र में शांति और मुक्त समुद्री मार्गों के लिए बेहद जरूरी है।

Santosh SETH

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