हिमाचल में बारिश का कहर लगातार जारी
“मणिमहेश यात्रा पर गए पंजाब के चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। प्रशासन ने यात्रा पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है। दो हजार से ज्यादा श्रद्धालु अभी भी बीच रास्ते में फंसे हुए हैं”
शिमला 26 / 08 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच बारिश ने तबाही मचाई है। जगह-जगह भूस्खलन से राज्य में तीन नेशनल हाईवे सहित 690 सड़कें बंद हैं। 2,349 बिजली ट्रांसफार्मर व 234 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। इससे कई इलाकों में बिजली-पानी की आपूर्ति ठप है।
आठ जिलों में आज शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं। कुल्लू जिले में बारिश ने तबाही मचाई है। ब्यास नदी के रौद्र रूप से लोगों में दहशत का माहौल है। चार दुकानों के ब्यास में बहने की सूचना है।
भारी बारिश से मनाली के बाहंग में एक रेस्तरां ब्यास नदी में आई बाढ़ में बह गया। अब सिर्फ इसका सामने वाला हिस्सा ही बचा है। 14 मील में भी रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। 15 मील में एक शौचालय व कुछ खोखे ब्यास में बह गए।
मनाली-लेह मार्ग बाहंग में भूस्खलन होने के कारण बंद हो गया है। ओल्ड मनाली से बुरुआ को जाने वाली सड़क भी बंद हो गई। कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे बिंदु ढाक के समीप सड़क बहने के कारण ठप हो गया।
सड़क धंसने के कारण एक ट्रक और एक जीप भी ब्यास में बह गई। वाहनों को वामतट मार्ग से भेजा जा रहा है। मनाली से भी यातायात वाया लैफ्ट बैंक ही डायवर्ट किया गया है। ब्यास नदी का जल स्तर काफी बढ़ गया है, ग्रीन टैक्स बैरियर आलू ग्राउंड के पास पानी सड़क पर बह रहा है।
ओल्ड मनाली में मनालसु नाला में बना पुल बाढ़ से ध्वस्त हो गया है। पिलर बहने से पुल टूटकर नदी के ऊपर लटक गया है। इस वजह से ओल्ड मनाली, बुरुआ, शनाग, मझाच, पलचान, सोलंग, कोठी का संपर्क पूरी तरह से कट गया है।
दूसरी ओर समाहन में सड़क धंसने से मनाली-लेह मार्ग बंद है। अखाड़ा बाजार में एक मकान ब्यास नदी में बह गया। रामशिला में दो मकान ढह गए। एक दुकान भी बह गई। नग्गर-पतलीकुहल को जोड़ने वाला पुल भी ब्यास नदी में आई बाढ़ की चपेट में आया।
मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा व मंडी जिले में आज रेड और कुल्लू के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, सोलन व लाहाैल-स्पीति में येलो अलर्ट रहेगा।
प्रदेश की ऊंची चोटियों शिंकुला दर्रा, कुगती जोत, बारालाचा, रोहतांग में ताजा बर्फबारी हुई है। 1 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। 29 से 31 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
उधर, ऊना, चंबा, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा व बिलासपुर, सोलन व शिमला जिले में आज भी शिक्षण संस्थान बंद रखने का फैसला लिया गया है। जिला प्रशासन के आदेशानुसार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में भी मंगलवार को शिक्षण कार्य बंद रहेगा। अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने इसकी अधिसूचना जारी की है।
मणिमहेश यात्रा पर गए पंजाब के चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। प्रशासन ने यात्रा पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है। दो हजार से ज्यादा श्रद्धालु अभी भी बीच रास्ते में फंसे हुए हैं। हालांकि, सभी सुरक्षित स्थानों पर हैं।
वहीं, नूरपुर में डडवाड़ा गांव का गुरुदेव सिंह (72) की खड्ड में बहने से मौत हो गई। वहीं मंडी शहर में ब्यास नदी पंचवक्त्र मंदिर तक पहुंच गई है। ब्यास नदी उफान पर होने से प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे नहीं जाने की हिदायत दी है।
मंडी जिले के मुख्य बाजार बालीचौकी में जमीन धंसने के कारण जद में आए 13 घरों में से चार घर जमींदोज हो गए हैं। दो लोगों का 30 कमरों का संयुक्त घर शुक्रवार रात को जमींदोज हुआ था जबकि अब चार लोगों के दो घर बीती रात को जमींदोज हो गए। इनमें 22 दुकानें भी थीं।
मकान दो मंजिला और चार मंजिला थे। हालांकि, मकानों को एहतियातन पहले ही खाली करवा दिया गया था। प्रभावितों में केसर सिंह, नारायण दास, डोले राम और बीर सिंह शामिल हैं। इन सभी का एक करोड़ से अधिक का नुकसान हो गया है।
यहां गेस्ट हाउस सहित रिहायशी कमरे और दुकानें थीं, जोकि अब पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं। अपने आशियानों को अपनी आंखों के सामने टूटता देख प्रभावित सदमे में हैं। प्रभावितों ने सरकार से अधिक से अधिक मदद की गुहार लगाई है।











