पंजाब बाढ़ : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया दौरा

“पंजाब में लगातार भारी बारिश और बाढ़ से हालात गंभीर बने हुए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को अमृतसर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया”

अमृतसर 05 / 09 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और किसानों से मुलाकात कर उनकी परेशानियां सुनीं और खेतों में बाढ़ से हुई फसलों की क्षति का जायजा लिया। केंद्रीय मंत्री चौहान ने अमृतसर के अलावा कपूरथला और गुरदासपुर जिलों का भी दौरा किया और देर शाम अमृतसर में अधिकारियों के साथ बैठक भी किया।

इससे पहले बीते बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा “मैं अपने किसान भाई-बहनों और अन्य बाढ़ प्रभावित लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि केंद्र सरकार हालात पर लगातार नजर रख रही है।

राज्य सरकार के साथ मिलकर हर संभव मदद दी जाएगी।” उन्होंने बताया कि सीमा से सटे जिलों में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और किसानों की हालत बेहद खराब है।

अभी तक की जानकारी के मुताबिक, 1.5 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खड़ी फसलें पानी में डूबी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री जनता के साथ खड़े हैं।

इस बीच, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई हिस्सों में बुधवार को भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने पंजाब के कई जिलों में गरज-चमक और आंधी-तूफान का नया अलर्ट जारी किया है।

हालांकि पंजाब में आने वाले दिनों में मॉनसून की गतिविधियों में थोड़ी कमी की संभावना जताई गई है, लेकिन हरियाणा के उत्तर और दक्षिण हिस्सों तथा चंडीगढ़ में रेड अलर्ट जारी किया गया है। चंडीगढ़ मौसम केंद्र ने बताया कि पंजाब के राजपुरा, डेरा बस्सी, मोहाली, चंडीगढ़ और खरड़ में भारी बारिश की संभावना है।

वहीं पंजाब सरकार ने गुरुवार को जानकारी दी कि अब तक राज्य में भीषण बाढ़ से 37 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार के अनुसार, कुल 1,655 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

इनमें सबसे अधिक असर गुरदासपुर जिले पर पड़ा है, जहां 324 गांव बाढ़ की चपेट में आए। इसके बाद फाजिल्का (111), अमृतसर (190), होशियारपुर (121), कपूरथला (123) और संगरूर (107) गांवों में बाढ़ का प्रभाव पड़ा।

सरकार ने बताया कि कुल 1,75,216 हेक्टेयर भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है। इनमें गुरदासपुर सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां 40,169 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हुई।

इसके अलावा मानसा में 24,967 हेक्टेयर, संगरूर में 6,560 हेक्टेयर, फाजिल्का में 17,786 हेक्टेयर और कपूरथला में 3,000 हेक्टेयर कृषि भूमि बुरी तरह प्रभावित हुई है।-

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