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भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

“भारतीय पुलिस सेवा के 77 आरआर (2024 बैच) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने सोमवार (27 अक्टूबर, 2025) को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की”

नई दिल्ली 28 / 10 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था है। हमें अपनी आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने और उसमें तेज़ी लाने के लिए सार्वजनिक और निजी निवेशों की लगातार बड़ी मात्रा में आवश्यकता है।

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी राज्य या क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए कानून-व्यवस्था एक आवश्यक पूर्व-शर्त है। उन्होंने आगे कहा कि निवेश और विकास को बढ़ावा देने में प्रभावी पुलिसिंग आर्थिक प्रोत्साहन जितनी ही महत्वपूर्ण है। युवा अधिकारियों के नेतृत्व में एक भविष्य के लिए तैयार पुलिस बल ‘विकसित भारत’ के निर्माण में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।

राष्ट्रपति महोदया ने कहा कि युवा अधिकारी शक्ति और अधिकार वाले पदों पर आसीन होते हैं। अतः उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि अधिकार के साथ जवाबदेही भी आती है।

उन्होंने कहा कि उनके कार्यों और आचरण की हमेशा सार्वजनिक जांच होगी। उन्हें यह याद रखना चाहिए कि वे जो नैतिक है उसे चुनें, न कि जो सुविधाजनक है। आपात स्थितियों से निपटने के दौरान भी न्यायसंगत और निष्पक्ष प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हालांकि उन्हें कानूनों और प्रणालियों से बहुत सारी शक्तियाँ प्राप्त होती हैं, लेकिन वास्तविक अधिकार उनकी व्यक्तिगत और व्यावसायिक ईमानदारी से आएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि नैतिक अधिकार उन्हें सभी का सम्मान और विश्वास दिलाएगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि एक पुलिस अधिकारी लगभग हर समय अपराध और अपराधियों से निपटता है। इससे उन पर संवेदनहीनता का प्रभाव पड़ सकता है और उनकी मानवीयता कुंद हो सकती है।

उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि एक प्रभावी अधिकारी बनने की प्रक्रिया में उन्हें अपने भीतर करुणा के मूल को अक्षुण्ण रखने का विशेष प्रयास करना चाहिए।

राष्ट्रपति महोदया ने रेखांकित किया कि प्रौद्योगिकी ने पुलिसिंग के क्षेत्र को काफ़ी हद तक बदल दिया है। लगभग दस साल पहले ‘डिजिटल गिरफ़्तारी’ अभिव्यक्ति को समझना असंभव होता। वर्तमान में यह नागरिकों के लिए सबसे भयानक ख़तरों में से एक है।

भारत में सबसे बड़ा और सबसे तेज़ी से बढ़ता एआई उपयोगकर्ता आधार है। इसका असर पुलिसिंग पर भी पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि आईपीएस अधिकारियों को एआई सहित नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने में उन लोगों की तुलना में कई कदम आगे रहना चाहिए, जो इन प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल ग़लत इरादे से करेंगे।

Santosh SETH

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