सुप्रीम कोर्ट: हिरासत में लिए गए 50 से अधिक वकील CJI के दखल पर रिहा
सुप्रीम कोर्ट परिसर के पास 50-60 वकील हिरासत में, CJI के कड़े दखल के बाद दिल्ली पुलिस ने किया रिहा”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : हीरा नन्द किशोर की रिपोर्ट
जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया।
सुप्रीम कोर्ट परिसर के पास प्रदर्शन कर रहे लगभग 50-60 वकीलों (जिनमें कई सीनियर और महिला वकील शामिल थीं) को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की त्वरित शिकायत और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के कड़े दखल के कुछ ही घंटों बाद पुलिस को सभी वकीलों को रिहा करना पड़ा।
CJI के निर्देश पर अधिकारियों ने लिया एक्शन
वकीलों को मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने की खबर जैसे ही सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन तक पहुंची, एसोसिएशन ने तुरंत CJI को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश ने सीधे संबंधित अधिकारियों से बात की और हिरासत में लिए गए वकीलों को तत्काल प्रभाव से रिहा करने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट देवव्रत ने भी इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है कि CJI के स्पष्ट निर्देश के बाद ही दिल्ली पुलिस ने वकीलों को छोड़ा।
SCBA अध्यक्ष प्रदीप राय ने X पर उठाई आवाज
SCBA के प्रेसिडेंट प्रदीप राय ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सुबह करीब 11:30 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए वकीलों को उनके चैंबर से हिरासत में लिए जाने की खबरों को “बेहद परेशान करने वाला” बताया।
प्रदीप राय ने अपनी पोस्ट में लिखा, “वकीलों को मनमाने ढंग से हिरासत में लेना और उन्हें डराना-धमकाना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं वकीलों की तुरंत रिहाई की मांग करता हूं।”
इसके लगभग 10 मिनट बाद ही उन्होंने एक अपडेट देते हुए जानकारी दी कि उनकी नई दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) से बात हो गई है और पुलिस वकीलों को रिहा कर रही है।
पुलिस पर ज़रूरत से ज़्यादा ताक़त इस्तेमाल करने का आरोप
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। SCBA की मानद सचिव प्रज्ञा बघेल ने CJI को लिखे अपने पत्र में साफ तौर पर कहा कि पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे सीनियर वकीलों और महिला वकीलों पर जरूरत से ज्यादा ताकत का इस्तेमाल किया।
SCBA ने पास किया निंदा प्रस्ताव:
एसोसिएशन ने पुलिस की इस मनमानी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए ‘गहरी चिंता’ जाहिर की और बाकायदा एक प्रस्ताव भी पास किया।
प्रज्ञा बघेल ने CJI से अपील की थी कि वे सुनिश्चित करें कि हिरासत में लिए गए वकीलों को उचित कानूनी मदद मिले और बिना किसी कानूनी आधार के पकड़े गए लोगों को तुरंत छोड़ा जाए।
📊 इन्फोग्राफिक चार्ट: वकील हिरासत विवाद (एक नज़र में)
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मुख्य घटनाक्रम (Key Highlights) |
विस्तृत जानकारी (Details) |
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🚨 क्या हुआ? |
सुप्रीम कोर्ट परिसर के पास 50-60 वकीलों (सीनियर और महिला वकील सहित) को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। |
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⚖️ CJI का एक्शन |
SCBA के पत्र के बाद मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने सीधा हस्तक्षेप किया और पुलिस अधिकारियों को वकीलों को रिहा करने का निर्देश दिया। |
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📱 SCBA का विरोध |
अध्यक्ष प्रदीप राय ने एक्स (X) पर कड़ा विरोध दर्ज कराया; डीसीपी (DCP) से बात कर तुरंत रिहाई सुनिश्चित की। |
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🛑 पुलिस पर आरोप |
मानद सचिव प्रज्ञा बघेल ने पुलिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा ताकत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। |
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📄 निंदा प्रस्ताव |
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने बिना कानूनी आधार के की गई इस गिरफ्तारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। |











