Heavy clashes between protesters and police forces on the streets of New Delhi.

दिल्ली प्रदर्शन में 7000 हिरासत में; 6 पुलिसकर्मी घायल

दिल्ली में ‘अघोषित आपातकाल’: 7000 से ज्यादा हिरासत में, पथराव में 6 पुलिसकर्मी घायल; वांगचुक की अनशन की चेतावनी”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और INDIA गठबंधन द्वारा बुलाए गए प्रदर्शन ने दिल्ली में उग्र रूप ले लिया है।

 

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद पूरे शहर में भयंकर टकराव की स्थिति बन गई।

पुलिस ने अब तक 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। इस दौरान हुई झड़पों और पथराव में 6 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

पथराव और झड़प: 6 पुलिसकर्मी घायल

प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और भीड़ के बीच हिंसक झड़पें हुईं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार:

  • आकाशवाणी भवन और हनुमान मंदिर (कनॉट प्लेस) के पास प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग गिरा दी और पुलिस पर पथराव किया।

  • महिला पुलिसकर्मी की उंगली तोड़ी: पिंक फोर्स की एक महिला पुलिसकर्मी (सुमन) की उंगली हनुमान मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेते समय भीड़ में मौजूद कुछ महिलाओं ने मरोड़ कर तोड़ (फ्रैक्चर) दी।

  • कुल 6 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस अब मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी कर रही है।

  • सुरक्षा के लिहाज से पूरी नई दिल्ली को 20 जोन में बांटकर ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

रिहाई के बाद ममता बनर्जी बोलीं- “यह अपहरण जैसा था”

हिरासत से छोड़े जाने के बाद बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला।

उन्होंने दिल्ली के मौजूदा हालात को “आपातकाल से भी बदतर” करार दिया ममता ने कहा,

“मेरी हिरासत किसी अपहरण जैसी थी। मेरे राजनीतिक जीवन में ऐसा पहली बार हुआ है कि मुझे जेल वैन में बैठाकर ले जाया गया हो।”

पिनराई विजयन हिरासत में, केरल CM ने की रिहाई की मांग

केरल के माकपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। केरल के वर्तमान मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने इस पुलिसिया कार्रवाई को “मनमाना” बताते हुए कड़ी निंदा की है।

सतीशन ने केरल के मुख्य सचिव और रेजिडेंट कमिश्नर को विजयन की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस के संपर्क में रहने के निर्देश दिए हैं।

पिनराई विजयन ने एक्स (X) पर पोस्ट कर केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाया है।

वहीं, माकपा की केरल इकाई ने दिल्ली में 50 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर सवाल उठाते हुए पूरे राज्य में व्यापक प्रदर्शन का आह्वान किया है।

सोनम वांगचुक की चेतावनी: “रविवार तक रिहा नहीं किया, तो अनशन”

लद्दाख के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी दिल्ली के इन हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भारत को “अघोषित आपातकाल” की स्थिति में बताया है।

वांगचुक ने कहा,

“मुझे अंदाजा नहीं था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में ऐसे हालात देखने को मिलेंगे, जहां आंदोलन का नेतृत्व करने वाले सभी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया हो।”

उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि यदि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वे मजबूरन भूख हड़ताल (अनशन) या पदयात्रा शुरू करेंगे।

📊 इन्फोग्राफिक चार्ट: दिल्ली प्रदर्शन का ग्राउंड ज़ीरो (एक नज़र में)

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

विस्तृत आंकड़े और तथ्य (Detailed Facts)

🚨 कुल गिरफ्तारियां (Detentions)

दिल्ली के विभिन्न इलाकों से 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए।

🩸 घायलों की संख्या

झड़प और पथराव में 6 पुलिसकर्मी घायल, पिंक फोर्स की महिला पुलिसकर्मी की उंगली फ्रैक्चर।

📍 पथराव के मुख्य स्थान

आकाशवाणी भवन (इम्तियाज अली मार्ग) और कनॉट प्लेस का हनुमान मंदिर।

🗣️ ममता बनर्जी का बयान

रिहाई के बाद बोलीं- “हालात आपातकाल से बदतर, मेरी हिरासत अपहरण जैसी थी, पहली बार जेल वैन में बैठी।”

🛡️ वामपंथियों पर एक्शन

पिनराई विजयन हिरासत में; केरल CM ने की रिहाई की मांग, माकपा ने किया बड़े प्रदर्शन का ऐलान।

⏳ सोनम वांगचुक का अल्टीमेटम

“रविवार तक सभी नेताओं और प्रदर्शनकारियों को रिहा करें, वरना मैं अनशन पर बैठूंगा।”

🚁 सुरक्षा व्यवस्था

नई दिल्ली को 20 जोन में बांटा गया, ड्रोन से चप्पे-चप्पे पर निगरानी, 50 हजार जवान तैनात।