प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त

“केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धमतरी में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में 2,225 करोड़ रुपये की ग्रामीण सड़क परियोजनाओं, मखाना बोर्ड का विस्तार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत किसानों को प्रत्यक्ष भुगतान और अनेक विकासपरक घोषणाओं का औपचारिक शुभारंभ किया”

धमतरी 21 / 11 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोयंबटूर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त का देशव्यापी वितरण और छत्तीसगढ़ के 25 लाख किसानों के खातों में 500 करोड़ रुपये का सीधा हस्तांतरण इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। हज़ारों किसानों और ग्रामीण प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सम्पन्न इस समारोह ने राज्य के विकास पथ को नई दिशा प्रदान की।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के धमतरी में राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम, मंत्री दयालदास बघेल, टंकराम वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) के अंतर्गत 2,225 करोड़ रुपये की स्वीकृत ग्रामीण सड़क परियोजनाओं का दस्तावेज प्रस्तुत किया।

इन परियोजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लगभग 780 गाँव पहली बार पक्की सड़क से जुड़ेंगे और 2,500 किलोमीटर से अधिक नई ग्रामीण सड़कें निर्मित की जाएँगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता ने देश में बुनियादी ढांचे के विस्तार को नई दिशा दी है और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण आर्थिक गतिविधियों को सशक्त बनाता है।

श्री चौहान ने घोषणा की कि केंद्र सरकार द्वारा स्थापित किए गए राष्ट्रीय मखाना विकास बोर्ड में अब छत्तीसगढ़ को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के किसानों को मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और राष्ट्रीय बाज़ार से जुड़ने का बड़ा अवसर प्राप्त होगा।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुए प्रमुख राष्ट्रीय निर्णयों का उल्लेख किया, जिनमें अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का शांतिपूर्ण निष्कासन, महिला आरक्षण कानून की पारिती और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने वाले निर्णय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी कदम भारत की विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक मील के पत्थर हैं।

श्री चौहान ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे समन्वित अभियान से राज्य में नक्सली हिंसा में उल्लेखनीय कमी आई है और अब नक्सलवाद “अंतिम चरण” में पहुँच चुका है। उन्होंने इसे प्रदेश के विकास, निवेश और ग्रामीण शांति की दिशा में बड़ा कदम बताया।

अपने संबोधन में उन्होंने छत्तीसगढ़ की वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य अब पुनः विकास की मुख्यधारा में तेजी से लौट रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण कई केंद्रीय योजनाएँ प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सकीं, किन्तु अब लाभ सीधे पात्र किसानों, ग्रामीणों और महिलाओं तक पहुँच रहा है।

कार्यक्रम में हजारों किसानों एवं ग्रामीण नागरिकों की सहभागिता रही। अवसर पर विभिन्न योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, कृषि किट, उपकरण और अन्य सामग्री वितरित की गई।

कार्यक्रम स्थल पर कृषि तकनीक, ग्रामीण अवसंरचना, महिला स्व-सहायता समूहों, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और आत्मनिर्भर भारत से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे किसानों और ग्रामीण प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक देखा।

श्री चौहान ने छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा स्थापित इस राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख किया और कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते समय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों की आय-वृद्धि, कृषि तकनीकी विस्तार, सिंचाई क्षमता, जैविक खेती और मिलेट मिशन जैसे विषयों पर केंद्रित महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाताओं का सम्मान और समृद्धि हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त जारी होने से राज्य के 24 लाख 70 हजार 640 किसानों को सीधा लाभ प्राप्त हुआ है।

उन्होंने बताया कि 494 करोड़ रुपये की राशि किसानों, वनपट्टाधारी हितग्राहियों एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के परिवारों के बैंक खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस योजना में 2 लाख 75 हजार नए किसानों को पंजीकृत कर लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई है।

धान खरीदी में छत्तीसगढ़ अग्रणी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धान खरीदी को अधिक मजबूत और किसान-हितैषी बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है तथा किसानों को 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक बेचने की अनुमति दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हमारे किसानों के विश्वास और सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के प्रारंभिक वर्षों में धान खरीदी केवल 5 लाख मीट्रिक टन हुआ करती थी, जो अब कई गुना बढ़ गई है।

कृषक उन्नति योजना का विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने कृषक उन्नति योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें दलहन, तिलहन और मक्का फसलों को शामिल किया है। उन्होंने कहा कि धान फसल में लाभ ले चुके किसान यदि इन फसलों की खेती करेंगे तो उन्हें भी योजना का पूरा लाभ प्राप्त होगा।

उन्होंने बताया कि योजना का लाभ रेघा, बटाई, लीज तथा डूबान क्षेत्र के किसानों को भी दिया जा रहा है, जिससे कृषि आधारित आजीविका को सीधा बल मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले 22 महीनों में लगभग सवा लाख करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों के खातों में अंतरित किए गए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार बनने के दो सप्ताह के भीतर 13 लाख किसानों को 3,716 करोड़ रुपये बोनस के रूप में दिया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा मिलेट मिशन को दिए गए बढ़ाए गए महत्व से छत्तीसगढ़ के परंपरागत कोदो-कुटकी, रागी उत्पादकों को बड़ा लाभ मिला है।

उन्होंने जशपुर जिले में स्वसहायता समूहों द्वारा बनाए जा रहे ‘‘जशप्योर’’ ब्रांड के उत्पादों का उदाहरण देते हुए कहा कि ‘‘महुआ लड्डू, कोदो-कुटकी आधारित उत्पाद पूरे देश में लोकप्रिय हो रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि राज्य जैविक खेती की अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है, क्योंकि जनजातीय क्षेत्रों में रासायनिक खादों का न्यूनतम उपयोग हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2015 से लंबित 115 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,800 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे लाखों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती से ट्रैक्टरों और कृषि मशीनरी की खरीदी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि ‘‘कई व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल यह बताते हैं कि जीएसटी कटौती के बाद किसानों की खरीद क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।’’

कार्यक्रम का समापन किसानों के प्रति आभार और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण एवं कृषि विकास की निरंतरता बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।

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