बंगाल में सियासी घमासान: I-PAC ठिकानों पर ED का छापा, भारी विरोध के बीच ममता बनर्जी खुद मैदान में उतरीं

“पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चुनावी रणनीतिकार संस्था I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालयों पर एक साथ छापेमारी शुरू की”

कोलकाता 08 / 01 / 2026 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

इस कार्रवाई ने राज्य सरकार और केंद्र के बीच एक नए टकराव को जन्म दे दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या और राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है।


सुबह-सुबह शुरू हुई कार्रवाई और सीएम की एंट्री

गुरुवार सुबह ईडी की टीमों ने सॉल्टलेक सेक्टर-5 स्थित आई-पैक कार्यालय और लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास पर दस्तक दी। छापेमारी की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सभी को चौंकाते हुए खुद मोर्चा संभाला। वे कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा के साथ सीधे प्रतीक जैन के घर पहुँचीं।

मुख्यमंत्री करीब 20 मिनट तक आवास के अंदर रहीं। प्रत्यक्षदर्शियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ममता बनर्जी जब अंदर गईं तो उनके हाथ में कुछ नहीं था, लेकिन बाहर निकलते समय उनके हाथ में एक ग्रीन फाइल, एक हार्ड डिस्क और एक लैपटॉप देखा गया। इस घटना ने कानूनी और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है कि क्या जांच के बीच इस तरह सामान बाहर ले जाना कानूनी रूप से संभव है।

“उम्मीदवारों की सूची चुराने की साजिश” – ममता बनर्जी

प्रतीक जैन के आवास से निकलने के बाद मुख्यमंत्री सीधे आई-पैक कार्यालय पहुँचीं। वहां उन्होंने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। ममता बनर्जी के मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:

  • गोपनीयता का हनन: सीएम ने आरोप लगाया कि ईडी की इस छापेमारी का असली मकसद टीएमसी के आगामी चुनावों के लिए संभावित उम्मीदवारों की सूची और गोपनीय रणनीतिक दस्तावेज हासिल करना है।

  • एजेंसियों का दुरुपयोग: उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हार के डर से विपक्षी दलों को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल एक हथियार की तरह कर रही है।

  • लोकतंत्र पर खतरा: ममता ने इसे संघीय ढांचे पर प्रहार बताया और कहा कि यह कार्रवाई केवल राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है।

भाजपा का पलटवार: “जांच में बाधा डाल रही हैं सीएम”

इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा ने कड़ा ऐतराज जताया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के कदम को ‘अनैतिक’ करार दिया। उन्होंने कहा:

“ममता बनर्जी का जांच के बीच में आरोपी या संदिग्ध के घर जाना और वहां से सामान बाहर लाना सीधे तौर पर संवैधानिक निकायों के काम में हस्तक्षेप है। वे पहले भी जांच में बाधा डालती रही हैं।”

सड़क पर संग्राम: टीएमसी का राज्यव्यापी विरोध

ईडी की इस कार्रवाई के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।

  • विरोध मार्च: मुख्यमंत्री के निर्देश पर आज शाम 4 बजे पूरे बंगाल में वार्ड और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

  • सुरक्षा कड़ी: कोलकाता के सॉल्टलेक और लाउडन स्ट्रीट इलाकों में पुलिस की भारी तैनाती कर दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी है।

आगे क्या?

फिलहाल ईडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि यह छापेमारी किस विशेष मामले (Scam or Case) के तहत की जा रही है, हालांकि सूत्रों के अनुसार इसे दिल्ली के किसी पुराने वित्तीय लेनदेन से जोड़कर देखा जा रहा है।

इस घटना ने आने वाले समय में बंगाल की राजनीति में बड़े कानूनी और राजनीतिक बदलावों के संकेत दे दिए हैं।

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