PM Modi 5 Nation Tour

PM मोदी का मेगा कूटनीतिक मिशन, 5 देशों का करेंगे दौरा

PM मोदी का ‘मेगा कूटनीतिक मिशन’: UAE से इटली तक 5 देशों का करेंगे दौरा, 43 साल बाद नॉर्वे में होगा ऐतिहासिक ‘नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

वैश्विक चुनौतियों, बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों और आपूर्ति शृंखला की अनिश्चितताओं के बीच भारत को ‘विश्वमित्र’ के रूप में स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर बड़े कूटनीतिक मिशन पर निकल रहे हैं।

15 मई से 20 मई तक प्रस्तावित अपनी बहुराष्ट्रीय विदेश यात्रा के दौरान पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे।

यह यात्रा केवल व्यापारिक संबंधों तक सीमित नहीं है; बल्कि इसका मुख्य फोकस प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा, रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), समुद्री सुरक्षा और ‘भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे’ (IMEC) को मजबूत करने पर होगा।

पहला पड़ाव: UAE के साथ सामरिक और ऊर्जा साझेदारी

प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा की शुरुआत भारत के तीसरे सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार UAE से करेंगे। यहां वह राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से मुलाकात करेंगे।

दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, रक्षा और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) पर विस्तार से चर्चा होगी।

दूसरा पड़ाव: नीदरलैंड में जल प्रबंधन और सेमीकंडक्टर पर फोकस

UAE के बाद प्रधानमंत्री यूरोप में भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदार नीदरलैंड पहुंचेंगे। वहां वह राजा विलेम अलेक्जेंडर, महारानी माक्सिमा और प्रधानमंत्री रोब येटन से मुलाकात करेंगे।

इस दौरे में रक्षा, सुरक्षा, हरित हाइड्रोजन और सेमीकंडक्टर जैसे नवाचार क्षेत्रों के साथ-साथ जल प्रबंधन और कृषि प्रौद्योगिकी पर अहम समझौते होने की संभावना है।

तीसरा पड़ाव: स्वीडन में AI और हरित विकास पर मंथन

नॉर्डिक देशों के साथ बढ़ते सहयोग के तहत पीएम मोदी स्वीडन के गोथेनबर्ग पहुंचेंगे, जहां उनकी वार्ता स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन से होगी।

दोनों देश हरित औद्योगिक परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अंतरिक्ष और रक्षा के क्षेत्र में अपनी नवाचार आधारित साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

चौथा पड़ाव: नॉर्वे का ऐतिहासिक दौरा और ‘नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’

इस यात्रा का सबसे ऐतिहासिक पल नॉर्वे में होगा। पिछले 43 वर्षों में भारत की ओर से यह किसी प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा मानी जा रही है।

यहां पीएम मोदी नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्तोरे के साथ वार्ता करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी तीसरे ‘भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’ में भी भाग लेंगे, जहां नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के शीर्ष नेता एक मंच पर होंगे।

इस सम्मेलन में आर्कटिक क्षेत्र, हरित जहाजरानी (Green Shipping), नवीकरणीय ऊर्जा और मुक्त व्यापार (EFTA) को नई गति दी जाएगी।

अंतिम पड़ाव: इटली की मेलोनी सरकार के साथ रक्षा और IMEC पर करार

अपने दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी इटली पहुंचेंगे। वहां उनकी मुलाकात इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से होगी।

दोनों देश वर्ष 2025 से 2029 तक की संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना (Joint Strategic Action Plan) पर काम कर रहे हैं।

इटली चीन की ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल से अलग होकर भारत के IMEC प्रोजेक्ट का समर्थन कर चुका है।

इस दौरे में रक्षा क्षेत्र में को-डेवलपमेंट (सह-विकास) और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर बड़े फैसले हो सकते हैं।

बदलते वैश्विक परिदृश्य में पीएम मोदी की यह यात्रा इस बात का स्पष्ट संदेश है कि भारत अब विश्व राजनीति और अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख और विश्वसनीय केंद्र बनकर उभर रहा है।

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