PM मोदी का युवाओं को मंत्र: ‘AI नौकरी का दुश्मन नहीं, वर्तमान की जरूरत’; भारत बना दुनिया की तीसरी बड़ी AI शक्ति
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर युवाओं के मन में बसे रोजगार छिनने के डर को दूर किया है”
नई दिल्ली : THE POLITICS AGAIN : संतोष सेठ की रिपोर्ट
एएनआई (ANI) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि एआई भविष्य की समस्या नहीं, बल्कि “वर्तमान की आवश्यकता” है।
पीएम ने कहा, “मैं रोजगार बाजार में एआई-प्रेरित व्यवधानों को लेकर युवाओं की चिंताओं को समझता हूं। लेकिन भय का सबसे अच्छा इलाज तैयारी (Preparation) है।”
‘फोर्स मल्टीप्लायर’ है एआई
पीएम मोदी ने एआई को एक “शक्ति गुणक” (Force Multiplier) करार दिया। उन्होंने समझाया कि एआई डॉक्टरों, वकीलों और शिक्षकों की क्षमताओं को बढ़ाएगा, जिससे वे कम समय में ज्यादा लोगों की मदद कर सकेंगे।
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इतिहास का तर्क : पीएम ने कहा कि जब भी कोई नई तकनीक आती है, तो पुरानी नौकरियों का स्वरूप बदलता है, लेकिन काम खत्म नहीं होता। डिजिटल परिवर्तन भारत की अर्थव्यवस्था में नए तकनीकी रोजगार भी जोड़ेगा।
स्किलिंग: डर का एकमात्र इलाज
सरकार का पूरा फोकस अब ‘स्किलिंग’ (Skilling) और ‘री-स्किलिंग’ (Re-skilling) पर है। पीएम ने कहा कि सरकार ने दुनिया की सबसे महत्वाकांक्षी कौशल विकास पहले शुरू की हैं।
सही कौशल के साथ भारतीय युवा भविष्य के कार्यक्षेत्र (Future Workforce) का नेतृत्व करेंगे।
स्टैनफोर्ड इंडेक्स 2025: भारत तीसरे नंबर पर
पीएम मोदी ने भारत की तैयारियों का जिक्र करते हुए ‘स्टैनफोर्ड ग्लोबल एआई वाइब्रेंसी इंडेक्स 2025’ का हवाला दिया।
इस इंडेक्स में भारत तीसरे स्थान पर है, जो एआई रिसर्च, टैलेंट और इकोनॉमी में भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।











