PM Modi Yoga Message

पीएम मोदी ने महर्षि पतंजलि को नमन कर बताया योग महत्व

प्रधानमंत्री मोदी ने महर्षि पतंजलि को किया नमन: संस्कृत श्लोक के जरिए देशवासियों को दिया योग और स्वास्थ्य का मूलमंत्र” 

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन :  संतोष सेठ की रिपोर्ट 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग और आयुर्वेद के प्रणेता महर्षि पतंजलि को नमन करते हुए देशवासियों को स्वस्थ और संतुलित जीवन का संदेश दिया है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक संस्कृत सुभाषित (श्लोक) साझा करते हुए योग के गहन लाभों को रेखांकित किया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक और भागदौड़ भरी जिंदगी में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग को दिनचर्या में शामिल करना कितना आवश्यक है।

संस्कृत श्लोक के जरिए बताया महर्षि पतंजलि का योगदान

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में महर्षि पतंजलि के महान योगदान को याद करते हुए एक प्राचीन संस्कृत श्लोक साझा किया:

“योगेन चित्तस्य पदेन वाचां मलं शरीरस्य च वैद्यकेन। योऽपाकरोत् तं परवरं मुनीनां पतञ्जलिं प्राञ्जलिरानतोऽस्मि॥”

इस श्लोक का अर्थ समझाते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा, “मैं हाथ जोड़कर ऋषियों में सबसे श्रेष्ठ, महर्षि पतंजलि को नमन करता हूँ, जिन्होंने योग के माध्यम से चित्त (मन) की, व्याकरण के माध्यम से वाणी की और आयुर्वेद के माध्यम से शरीर की अशुद्धियों को दूर किया है।”

यह श्लोक भारतीय ज्ञान परंपरा में महर्षि पतंजलि के बहुआयामी योगदान को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

“नियमित अभ्यास से जीवन बनता है ऊर्जावान” श्लोक के साथ-साथ पीएम मोदी ने आम जनमानस को योग का नियमित अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि योग का नियमित अभ्यास शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि हम योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा बना लें, तो हमारा जीवन पूरी तरह से संतुलित और ऊर्जावान बन सकता है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक स्तर पर योग को बढ़ावा देने में हमेशा से अग्रणी रहे हैं और उनके इस संदेश ने एक बार फिर फिटनेस और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम किया है।

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