उकसाया तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे पाकिस्तान – विक्रम मिस्री ( विदेश सचिव )

“भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में पाकिस्तान को सख्त लहजे में कहा कि अगर भारत को फिर से उकसाया गया तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। मिसरी ने “भारत पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ाने के उल्लेख” पर टिप्पणी की और कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव का कारण 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला था, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। ये कायराना हमला उन आतंकवादियों ने किया, जिनके पड़ोसी देश पाकिस्तान से संबंध पाए गए थे”

नई दिल्ली 08 / 05 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि यह अजीब है कि पाकिस्तान में नागरिकों के अंतिम संस्कार उनके राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे ताबूतों के साथ किए जा रहे हैं और राजकीय सम्मान दिया जा रहा है, जबकि मारे गए लोग आतंकी थे। उनके अंतिम संस्कार में पाकिस्तानी सेना के अधिकारी शामिल हुए। आतंकियों को राजकीय अंतिम संस्कार देना पाकिस्तान में एक प्रथा हो सकती है, लेकिन यह हमारे लिए बहुत मायने नहीं रखती। 

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारत ने तनाव नहीं बढ़ाया है, जवाब दिया है। हर धर्म के लोगों ने पाकिस्तान की निंदा की है। सिंधु जल संधि का भारत ने छह दशकों तक सम्मान किया है। इतने तनाव के बीच हमने धैर्य और सहनशीलता से संधि को बरकरार रखा है। जबकि पाकिस्तान हर समझौते की राह में रोड़ा बनता रहा है।

सिंधु जल संधि में पाकिस्तान का कभी सहयोग नहीं रहा। हर हिमाकत का पाकिस्तान खुद जिम्मेदार होगा। पाकिस्तान प्रोपेगेंडा फैला रहा है। पाकिस्तान के जन्म लेते ही झूठ शुरू हो गया था। संयुक्त राष्ट्र से भी पाकिस्तान ने झूठ बोला। बाद में उनको मुंह की खानी पड़ी। 

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि सात मई को केवल आतंकी शिविरों को ही निशाना बनाया गया। हमने किसी सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया है। पाकिस्तान ने भारत के पुंछ में सिख गुरुद्वारे पर हमला किया। सिख समुदाय को निशाना बनाया। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई। हम इसकी निंदा करते हैं।

विदेश सचिव ने कहा कि वैश्विक आतंकवाद के केंद्र के रूप में पाकिस्तान की प्रतिष्ठा कई उदाहरणों में निहित है। मुझे यह याद दिलाने की जरूरत नहीं है कि ओसामा बिन लादेन कहां पाया गया था और किसने उसे शहीद कहा था। पाकिस्तान बड़ी संख्या में संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों और कई देशों द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों का भी घर है। 

पाकिस्तान ने हमेशा आतंकियों का बचाव किया

विक्रम मिस्री ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री ने माना है कि उनका आतंकी संगठनों के साथ कैसा रिश्ता है। उनकी छवि आतंक समर्थक की है। पाकिस्तान पहलगाम हमले की जांच की मांग कर रहा है, हम सभी को पाकिस्तान का इतिहास पता है।

 
हम पहले भी आतंकी हमलों की जांच के सारे सबूत दे चुके हैं। मुंबई, पुलवामा, पठानकोट के हमलों को लेकर भी हमने सबूत दिए थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। पाकिस्तान ने हमेशा आतंकियों का बचाव किया है। 
 

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि टीआरएफ ने दो बाद पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली। मगर पाकिस्तान ने टीआरएफ का बचाव किया। पाकिस्तान को हमने नपा-तुला जवाब दिया है। हमने केवल आंतकी ठिकानों को ही निशाना बनाया है। हम तनाव को बढ़ाना नहीं चाहते हैं। पाकिस्तान पर हमारी कार्रवाई एकदम सही थी। 

 

कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने एलओसी पर गोलीबारी बढ़ा दी है। इसमें 15 लोगों की मौत हो गई। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत ने करारा जवाब दिया है। पाकिस्तान के रडार सिस्टम को हमने निशाना बनाया। लाहौर का एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट कर दिया गया।

 
पहलगाम हमले का भारतीय सेना ने जवाब दिया है। भारत को पाकिस्तान की ओर से मोर्टार और आर्टिलरी की गोलीबारी को रोकने के लिए जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ा। भारतीय सशस्त्र बल गैर-वृद्धि के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं, बशर्ते कि इसका पाकिस्तानी सेना द्वारा सम्मान किया जाए।
 
विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया था। जबकि पाकिस्तान ने सात-आठ मई को उत्तरी और पश्चिमी भारत में कई ठिकानों पर ड्रोन हमले करने प्रयास किया गया। इसे वायु रक्षा प्रणालियों ने निष्क्रिय किया। यह पाकिस्तानी हमलों का प्रमाण है। इसके जवाब में भारत ने लाहौर में एक वायु रक्षा प्रणाली को निष्क्रिय किया। 

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