केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और फ्रांस के मंत्री रोलैंड लेस्क्योर ने ऐक्स-एन-प्रोवेंस में भारत-फ्रांस आर्थिक वार्ता (EFD) की सह-अध्यक्षता की।
भारत-फ्रांस आर्थिक वार्ता: निर्मला सीतारमण और रोलैंड लेस्क्योर ने की सह-अध्यक्षता, निवेश और सहयोग पर जोर”
THE POLITICS AGAIN डेस्क: संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत और फ्रांस के बीच ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक भागीदारी’ के तहत आर्थिक और व्यापारिक रिश्ते अब एक नए मुकाम पर पहुंच रहे हैं।
केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण और फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त, उद्योग, ऊर्जा और डिजिटल संप्रभुता मंत्री महामहिम श्री रोलैंड लेस्क्योर ने फ्रांस के ऐक्स-एन-प्रोवेंस (Aix-en-Provence) में ‘भारत-फ्रांस आर्थिक और वित्तीय वार्ता’ (EFD) की सफलतापूर्वक सह-अध्यक्षता की।
अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य, आपसी सहयोग और परिणामोन्मुखी समाधानों पर उच्च-स्तरीय बातचीत को फिर से शुरू करने के उद्देश्य से यह वार्ता बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गौरतलब है कि इस वर्ष फरवरी 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति महामहिम श्री इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान, उन्होंने और भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस वर्ष यह उच्च-स्तरीय बातचीत आयोजित करने का दृढ़ संकल्प लिया था।
इस महत्वपूर्ण आर्थिक और वित्तीय वार्ता के दौरान, भारत और फ्रांस के प्रतिनिधियों ने भविष्य की रूपरेखा तैयार करते हुए निम्नलिखित अहम विषयों पर व्यापक चर्चा की:
बहुपक्षीय आर्थिक मंचों पर तालमेल: जी7 (G7) की फ्रांसीसी अध्यक्षता में भारत की सक्रिय भागीदारी के संदर्भ में, जी20 (G20) और पेरिस क्लब (Paris Club) जैसे बहुपक्षीय आर्थिक मंचों पर दोनों देशों के रुख में बेहतर तालमेल बिठाने पर सहमति बनी।
दोनों मंत्रियों ने वर्तमान वैश्विक आर्थिक स्थिति पर भी अपने विचार साझा किए।
नए क्षेत्रों में आपसी सहयोग: आर्थिक संप्रभुता और सुरक्षा नीतियों पर व्यापक चर्चा के तहत ‘अहम खनिजों’ (Critical Minerals) के क्षेत्र में सहयोग की नई शुरुआत करने पर जोर दिया गया।
रेलवे और निवेश: दोनों देशों के बीच परस्पर निवेश को गति देने के तरीकों पर विचार-विमर्श हुआ।
रेलवे सेक्टर में ‘डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट’ (इरादे की घोषणा) पर हस्ताक्षर के बाद, भारत में हाई-स्पीड रेलवे (High-Speed Railway) सेक्टर में मौजूद अपार संभावनाओं पर चर्चा की गई।
वित्तीय क्षेत्रों का एकीकरण: भारत और फ्रांस के वित्तीय बाजारों और क्षेत्रों को एक-दूसरे के साथ और अधिक गहराई से जोड़ने के प्रस्तावों पर भी मंथन किया गया।
वार्ता के दौरान दोनों देशों के मंत्रियों ने भारत में आर्थिक विकास को गति देने के लिए ‘फ्रेंच डेवलपमेंट एजेंसी’ (AFD) द्वारा किए जा रहे कार्यों की अहमियत को स्वीकार किया।
साथ ही, भविष्य में इस एजेंसी के सहयोग से शुरू होने वाली संभावित परियोजनाओं का खुले दिल से स्वागत किया।
बैठक के समापन पर, दोनों मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक, वित्तीय, तकनीकी, निवेश और व्यापार से जुड़े मामलों पर बातचीत के लिए ‘आर्थिक और वित्तीय संवाद’ को ही मुख्य मंच के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके साथ ही, दोनों पक्षों ने आपसी सहमति जताते हुए वर्ष 2027 में इस वार्ता/संवाद का अगला संस्करण आयोजित करने की संभावनाओं पर विचार करने का संकल्प भी लिया।
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