Protesters gathered in large numbers at New Delhi's Jantar Mantar to demand the abolition of caste-based reservation, leading to several detentions by the Delhi Police.
दिल्ली: जंतर-मंतर पर जातिगत आरक्षण के खिलाफ हल्ला बोल, अड़े प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने लिया हिरासत में”
स्थान: नई दिल्ली : संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN
देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े आंदोलन का गवाह बना है। शुक्रवार सुबह से ही जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने और इसे आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पर जुट गए।
प्रदर्शनकारियों का दावा था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने मौके पर पहुंचकर कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और धरना स्थल को खाली कराना शुरू कर दिया।
आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर सैकड़ों लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की।
उनके मुख्य नारों में “आरक्षण गरीब को मिले, जाति को नहीं”, “राष्ट्र की आवाज को सुनना होगा” और “भारत में आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करना होगा” शामिल थे।
पुलिस ने सुबह से ही बैरिकेडिंग कर लोगों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कई प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर जंतर-मंतर के निर्धारित प्रदर्शन क्षेत्र में पहुंच गए और देर शाम तक डटे रहे। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आसपास के इलाके को भी खाली करवाना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया पर जन्मे ‘रिजर्वेशन रिफॉर्म मूवमेंट’ के संस्थापक और प्रदर्शन के मुख्य आयोजक हर्ष दुबे ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे जंतर-मंतर खाली नहीं करेंगे।
हालांकि, पुलिस की सख्ती के बीच हर्ष दुबे ने सभी प्रदर्शनकारियों से राजघाट पहुंचने की भी अपील की।
वहीं, एक अन्य आयोजक अभिषेक अग्निहोत्री ने कहा कि लोग सुबह से ही यहां अपना मंच लगा रहे हैं और उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। उनका साफ कहना था कि प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे।
दिल्ली पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली करने की अपील करती रही। पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर इतने बड़े प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी।
इसके विकल्प के तौर पर पुलिस ने रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए एनओसी (NOC) जारी की थी, जिसमें अधिकतम 500 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई थी।
इसके बावजूद, प्रदर्शनकारियों के एक बड़े वर्ग ने रामलीला मैदान जाने से इनकार कर दिया और जंतर-मंतर पर ही अपनी बात रखने पर अड़े रहे।
इस आंदोलन के जरिए प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:
आर्थिक आधार पर आरक्षण: जातिगत आरक्षण को पूरी तरह से समाप्त कर इसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए लागू किया जाए।
क्रीमी लेयर को बाहर करना: आरक्षित वर्ग के संपन्न परिवारों और उच्च अधिकारियों के बच्चों को आरक्षण के दायरे से बाहर किया जाए, ताकि जरूरतमंदों को लाभ मिल सके।
यूजीसी के नियमों की वापसी: यूजीसी (UGC) के नए समानता संबंधी प्रावधानों को वापस लिया जाए।
समीक्षा और दुरुपयोग पर रोक: शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण नियमों के दुरुपयोग पर सख्ती से रोक लगाई जाए और पूरी आरक्षण व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।
फिलहाल दिल्ली पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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