Historic exchange of three crucial MOUs between Uttar Pradesh and Japan's Yamanashi Prefecture to boost youth employment, tourism, and skill development.
यूपी-जापान संबंधों में मील का पत्थर: कौशल, पर्यटन और रोजगार के 3 अहम MOU पर हस्ताक्षर, यूपी के युवाओं के लिए खुलेंगे जापान के दरवाजे”
स्थान: लखनऊ” संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN
उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर (प्रांत) के बीच संबंधों को एक नई और मजबूत दिशा मिल गई है।
राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट’ के दौरान दोनों क्षेत्रों के बीच कौशल विकास, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए तीन अति महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MOU) का आदान-प्रदान किया गया।
इन समझौतों ने उत्तर प्रदेश के कुशल युवाओं के लिए जापान में रोजगार के सुनहरे अवसर पैदा करने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और पर्यटन आदान-प्रदान का नया रास्ता खोल दिया है।
रोजगार की दिशा में पहला अहम समझौता ‘इन्वेस्ट यूपी’ (Invest UP) और ‘जापान टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर’ (TTRC) के बीच हुआ।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार और जापानी पक्ष की ओर से TTRC के डायरेक्टर सुचकी कमाडा ने इस एमओयू का आदान-प्रदान किया।
कार्यक्रम में बताया गया कि TTRC के सफल प्रयासों से उत्तर प्रदेश के 100 से अधिक युवा पहले ही जापान में रोजगार प्राप्त कर चुके हैं।
इस विशेष अवसर पर जापान में नौकरी हासिल करने वाले प्रदेश के दो होनहार युवाओं— पुष्पेंद्र सिंह चौहान और आदर्श कुमार कुशवाहा को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
दूसरा महत्वपूर्ण समझौता यूपी के पर्यटन विभाग और यामानाशी प्रीफेक्चर के बीच संपन्न हुआ। यूपी के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और यामानाशी प्रीफेक्चर सरकार के संस्कृति, पर्यटन व खेल विभाग के महानिदेशक योशी यूकी कोजुमी ने इस एमओयू का आदान-प्रदान किया।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटकों की आवाजाही को तेज करना है। इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक, बौद्ध, सांस्कृतिक एवं हेरिटेज पर्यटन केंद्रों को जापानी पर्यटकों के बीच बड़े पैमाने पर प्रमोट किया जाएगा, जिससे राज्य में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद है।
तीसरा एमओयू यूपी सरकार के श्रम एवं सेवायोजन विभाग और यामानाशी के इनोवेशन प्रमोशन ब्यूरो के बीच साइन किया गया।
श्रम एवं सेवायोजन विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एमके शनमुखा सुंदरम और यामानाशी के महानिदेशक कत्सुया हादा ने इस पर मुहर लगाई।
इस समझौते के तहत उत्तर प्रदेश में जापानी भाषा में दक्ष मानव संसाधन (वर्कफोर्स) तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
इससे जापानी कंपनियों को उनकी जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षित और जापानी भाषा बोलने वाले कर्मचारी मिल सकेंगे, और यूपी के युवाओं को जापान की मल्टीनेशनल कंपनियों में सीधे रोजगार मिलेगा।
इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के रिश्ते अब केवल निवेश तक सीमित नहीं रहेंगे।
यह एक दीर्घकालिक और परस्पर विश्वास पर आधारित पार्टनरशिप है, जो जल्द ही नई ऊंचाइयों को छुएगी।
सीएम योगी ने विजन स्पष्ट करते हुए कहा, “जापान के कड़े अनुशासन और बेहतरीन तकनीक को उत्तर प्रदेश के बड़े स्केल, युवा शक्ति और टैलेंट से जोड़कर, हम यूपी को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का एक बेहद मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में काम करेंगे।”
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