नेपाल : सोशल मीडिया एप्स पर बैन के बाद भड़की हिंसा,18 की मौत

“सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फैसले के खिलाफ नेपाल में युवाओं ने सोमवार को काठमांडू में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान हुई हिंसा में कई लोगों की मौत हुई है”

नई दिल्ली 08 / 09 / 2025 मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 

नेपाल सरकार द्वारा सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में सोमवार को युवाओं के नेतृत्व में यहां हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग घायल हो गए।

हालात को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को सेना को तैनात करना पड़ा। काठमांडू में संसद भवन के सामने ‘जेन ज़ी’ के बैनर तले स्कूली छात्रों समेत हजारों युवाओं की दंगा-रोधी पुलिस के साथ झड़प हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ आंदोलनकारी संसद परिसर में घुस गए, इसके बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां चलानी पड़ी, आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियों का सहारा लेना पड़ा।

सराकर ने बुटवल, भैरहवा और पोखरा समेत कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहीं नेपाल में चल रहे इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय सुरक्षाबलों ने सीमा पर निगरानी कड़ी कर दी है। 

नेपाल पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों समेत 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं और उनका काठमांडू के सिविल अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक,  हिंसा में 14 लोग मारे गए। हालांकि पुलिस ने मृतकों की संख्या के बारे में कोई पुष्टि नहीं की है। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना को तैनात किया गया है।

काठमांडू जिला प्रशासन ने संसद भवन के आसपास के क्षेत्रों में अशांति को रोकने के लिए अपराह्न 12:30 बजे से रात 10:00 बजे तक निषेधाज्ञा लागू की। मुख्य जिला अधिकारी छवि लाल रिजाल ने एक नोटिस में कहा, प्रतिबंधित क्षेत्र में लोगों के आवागमन, प्रदर्शन, बैठक, सभा या धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।

फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स सहित 26 सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिबंध

स्थानीय प्रशासन ने बाद में ये प्रतिबंधात्मक आदेश राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति आवास और प्रधानमंत्री कार्यालय के आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में भी लागू कर दिए।

नेपाल सरकार ने अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर चार सितंबर को फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स सहित 26 सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिबंध लगा दिया था।

द हिमालयन टाइम्स के मुताबिक, न्यू बानेश्वर में हिंसक झड़पों के दौरान गोली लगने से घायल हुए प्रदर्शनकारी ने सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस समय कई घायल व्यक्तियों की पहचान अब भी ज्ञात नहीं है।

दमक में प्रदर्शनकारियों ने दमक चौक से नगरपालिका कार्यालय की ओर मार्च किया, जहां उन्होंने नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का पुतला फूंका और कार्यालय के द्वार तोड़ने का प्रयास किया। हालात और न बिगड़ें, इसके लिए सेना को मोर्चे पर उतार दिया गया है।

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