सोमनाथ मंदिर पर छिड़ा ‘नेहरू बनाम मोदी’ विवाद: सुधांशु त्रिवेदी ने नेहरू के पत्रों का दिया हवाला, साधा निशाना

“भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर तीखा हमला बोला है”

नई दिल्ली 07 / 01 / 2026 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी 11 जनवरी की सोमनाथ यात्रा से ठीक पहले, त्रिवेदी ने कुछ ऐतिहासिक पत्रों को साझा करते हुए दावा किया कि नेहरू सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और उसके गौरव के प्रति ‘घृणा’ का भाव रखते थे।

1. “नवाबजादा” और सोमनाथ के द्वार: त्रिवेदी का दावा

सुधांशु त्रिवेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पत्र साझा किया, जिसके बारे में उनका दावा है कि यह नेहरू ने पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री लियाकत अली खान को लिखा था।

  • संबोधन पर सवाल: त्रिवेदी के अनुसार, नेहरू ने लियाकत अली खान को “प्रिय नवाबजादा” कहकर संबोधित किया।

  • इतिहास को नकारा: त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि इस पत्र में नेहरू ने सोमनाथ मंदिर के दरवाजों की ऐतिहासिक लूट की कहानी को “झूठा” करार दिया था। उन्होंने इसे पाकिस्तान के सामने एक प्रकार का ‘बौद्धिक आत्मसमर्पण’ बताया।

2. पुनर्निर्माण का विरोध और उच्च पदों पर बैठे नेताओं को पत्र

बीजेपी नेता ने दावा किया कि नेहरू सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के प्रबल विरोधी थे। उन्होंने नेहरू पर निम्नलिखित आरोप लगाए:

  • दिग्गज नेताओं को सलाह: नेहरू ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद और उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को पत्र लिखकर उद्घाटन समारोह में शामिल न होने की सलाह दी थी।

  • मुख्यमंत्रियों को पत्र: उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को दो बार पत्र लिखकर शिकायत की थी कि मंदिर के निर्माण से विदेशों में भारत की छवि को नुकसान पहुंचा है।

  • मीडिया कवरेज पर रोक: त्रिवेदी ने बताया कि नेहरू ने तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री आर.आर. दिवाकर को पत्र लिखकर अभिषेक समारोह के कवरेज को कम करने का निर्देश दिया था, जिसे उन्होंने “आडंबरपूर्ण” बताया था।

3. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: 8 से 11 जनवरी

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाने की तैयारी कर रहा है।

  • आयोजन: यह पर्व 8 जनवरी से 11 जनवरी तक चलेगा, जिसमें भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाया जाएगा।

  • पीएम मोदी की यात्रा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को इस समारोह के समापन पर सोमनाथ पहुंचेंगे। बीजेपी इस यात्रा को राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक पुनरुद्धार के प्रतीक के रूप में पेश कर रही है।

4. राजनीतिक निहितार्थ

सुधांशु त्रिवेदी के इन आरोपों ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच वैचारिक युद्ध को फिर से तेज कर दिया है। त्रिवेदी का तर्क है कि जहाँ गजनी और खिलजी ने मंदिर को शारीरिक रूप से लूटा, वहीं नेहरू ने इसकी वैचारिक और सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करने की कोशिश की।

इसके विपरीत, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ को ‘राष्ट्रीय स्वाभिमान’ के केंद्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

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