NEET विवाद: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रह्लाद जोशी बने शिक्षा मंत्री
NEET विवाद: राष्ट्रपति ने मंजूर किया धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय; CJP ने खत्म किया 36 दिन लंबा आंदोलन”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट
नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर देश भर में मचा सियासी घमासान अब शांत होता नजर आ रहा है।
छात्रों के भारी विरोध और राजनीतिक दबाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
इसके साथ ही, सरकार द्वारा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की सभी प्रमुख मांगें मान लिए जाने के बाद 36 दिनों से जंतर-मंतर पर चल रहा ऐतिहासिक छात्र आंदोलन आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है।
प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का प्रभार
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है:
“प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है। साथ ही, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के अलावा शिक्षा मंत्रालय का प्रभार भी सौंपा जाए।”
अब प्रह्लाद जोशी देश के नए शिक्षा मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
सरकार झुकी, CJP ने खत्म किया 36 दिन का प्रोटेस्ट
इधर, दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के बीच हुई अहम बैठक आखिरकार सफल रही।
CJP नेता दास ने सरकार के वार्ताकारों— केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
उन्होंने ऐलान किया कि सरकार ने संगठन की सभी मांगें मान ली हैं, इसलिए देशभर में चल रहा उनका विरोध-प्रदर्शन तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जा रहा है।
सरकार ने मानी CJP की ये 3 प्रमुख मांगें:
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शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: CJP की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया और प्रधान ने पद छोड़ दिया।
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1-1 करोड़ का मुआवजा: नीट विवाद के दौरान तनाव में आकर कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के पीड़ित परिवारों को सरकार ने “सम्मानजनक” रूप से 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने पर सहमति जताई है।
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FIR वापसी: 20 मार्च को संगठन के ‘संसद चलो’ मार्च और पूरे प्रदर्शन के दौरान दिल्ली सहित सभी भाजपा शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों और छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) वापस ली जाएंगी।
4 हफ्ते बाद फिर होगी बड़ी बैठक
CJP प्रवक्ता सौरव घोष ने बताया कि यह आंदोलन इस ठोस आश्वासन और समझ के साथ वापस लिया गया है कि सरकार तय शर्तों को निर्धारित समयसीमा के भीतर लागू करेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक और पारदर्शी सुधारों पर काम करने के लिए दोनों पक्ष (सरकार और CJP नेता) चार हफ्ते बाद फिर से एक विस्तृत बैठक करेंगे।











