सीएम योगी ने जनता के नाम लिखी ‘पाती’, अयोध्या दीपोत्सव का दिया न्यौता
“वंचितों की दीवाली भी करें रोशन”: CM योगी ने यूपी की जनता के नाम लिखी ‘पाती’, 10वें भव्य अयोध्या दीपोत्सव का दिया न्यौता”
The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश की जनता के नाम एक भावुक और प्रेरक पत्र (पाती) लिखा है।
अपने इस विशेष संदेश में सीएम योगी ने लोगों को अयोध्या में होने वाले 10वें भव्य ‘दीपोत्सव’ में परिवार और मित्रों के साथ शामिल होने का न्यौता दिया है।
इसके साथ ही उन्होंने दीपावली के पावन अवसर पर वंचित परिवारों की मदद करने और ‘वोकल फॉर लोकल’ का समर्थन करते हुए स्थानीय कारीगरों के उत्पाद खरीदने की भी अपील की है।
दीपोत्सव: सनातन चेतना और सांस्कृतिक गौरव का महापर्व
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र की शुरुआत में लिखा, “सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्रीअयोध्या धाम अपने दसवें भव्य एवं दिव्य दीपोत्सव के स्वागत के लिए पुलकित है।
दीपोत्सव अंधकार से प्रकाश, निराशा से आशा और आस्था से विकास की यात्रा का प्रतीक है। यह मात्र दीप प्रज्वलन नहीं, अपितु भारत की सनातन चेतना के पुनर्जागरण तथा सांस्कृतिक गौरव का महापर्व है।”
उन्होंने कहा कि दीप की छोटी-सी लौ सिखाती है कि गहन अंधकार में भी प्रकाश की एक किरण नई आशा का संचार करती है।
‘सत्ता का अर्थ अधिकार नहीं, दायित्व है’
भरत जी के त्याग और रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा, “14 वर्षों तक भरत जी ने राजसुख त्याग कर प्रभु श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर रखकर राज्य का संचालन किया।
रामायण का यह प्रेरक प्रसंग हमें सिखाता है कि सत्ता का वास्तविक अर्थ अधिकार नहीं, दायित्व है।” उन्होंने कहा कि मां सरयू के तट और राम की पैड़ी पर लाखों दीपों की जगमगाहट ऐसा एहसास कराती है, मानो अयोध्या में साक्षात आकाशगंगा उतर आई हो।
उत्सव प्रदेश और अर्थव्यवस्था का संगम
सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश अब ‘उत्सव प्रदेश’ के रूप में नई पहचान बना चुका है। उन्होंने विकास का चक्र समझाते हुए लिखा,
“जहां प्रकाश है, वहां सुरक्षा है। जहां सुरक्षा है, वहां निवेश है। जहां निवेश है, वहीं विकास, रोजगार और सुख-समृद्धि है।”
उन्होंने कहा कि दीपोत्सव आस्था के साथ-साथ अर्थव्यवस्था का भी संगम है, जिससे कुम्हारों, पुष्प विक्रेताओं, होटल व्यवसायियों और स्थानीय व्यापारियों के लिए आय के अवसर बढ़ते हैं।
वंचित परिवारों की मदद और युवाओं से अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से एक विशेष अपील करते हुए कहा कि यदि आस-पड़ोस में कोई वंचित परिवार है, तो अपने सामर्थ्य के अनुसार दीये, मिठाइयां और वस्त्र भेंट कर उसकी दीपावली भी आलोकित करें।
यही दीपोत्सव की सच्ची भावना है। उन्होंने युवाओं से नकारात्मकता से दूर रहने और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ने का आह्वान किया।
साथ ही स्वच्छता बनाए रखने और स्थानीय कारीगरों के दीप एवं उत्पाद खरीदकर उनके परिश्रम को प्रोत्साहित करने की बात कही।
अंत में सीएम योगी ने कामना करते हुए लिखा, “हर घर में खुशहाली हो, हर मन में सद्भाव हो और प्रगति पथ प्रशस्त हो।
सियावर रामचंद्र की जय।” (बता दें कि इससे पहले सीएम योगी ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर भी जनता के नाम ऐसी ही पाती लिखी थी।)
सीएम योगी की ‘पाती’: अयोध्या दीपोत्सव के मुख्य संदेश
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मुख्य बिंदु (Key Highlights) |
सीएम योगी का संदेश (CM Yogi’s Message) |
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अयोध्या दीपोत्सव का आमंत्रण |
10वें भव्य दीपोत्सव में परिवार और मित्रों के साथ अयोध्या पधारें। |
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दीपोत्सव का अर्थ |
यह भारत की सनातन चेतना के पुनर्जागरण और सांस्कृतिक गौरव का महापर्व है। |
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सत्ता का वास्तविक अर्थ |
रामायण (भरत जी) के प्रसंग से सीख- सत्ता अधिकार नहीं, बल्कि ‘दायित्व’ है। |
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विकास का चक्र |
प्रकाश ➔ सुरक्षा ➔ निवेश ➔ विकास ➔ रोजगार ➔ सुख-समृद्धि। |
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अर्थव्यवस्था को गति |
दीपोत्सव से कुम्हारों, पुष्प विक्रेताओं और स्थानीय व्यापारियों की आय में वृद्धि। |
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जनता से विशेष अपील |
वंचित परिवारों की मदद करें (दीये, मिठाई, कपड़े दें) और स्थानीय उत्पाद खरीदें। |











