Officials celebrate National Statistics Day at the District Economics and Statistics Office in Jaunpur

जौनपुर में राष्ट्रीय सांख्यिकीय दिवस का हुआ आयोजन

जौनपुर में मनाया गया राष्ट्रीय सांख्यिकीय दिवस, विश्वसनीय आंकड़ों से विकास योजनाओं को मिलेगी नई दिशा”

जौनपुर : द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट

विकास भवन स्थित जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में सोमवार को राष्ट्रीय सांख्यिकीय दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया।

कार्यक्रम का आयोजन महान सांख्यिकीविद् प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती के अवसर पर किया गया।

इस वर्ष राष्ट्रीय सांख्यिकीय दिवस की थीम “Unlocking the Potential of Administrative Data” रही, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में उपयोग करना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ. अरुण कुमार यादव ने की। इस अवसर पर कार्यालय के अपर सांख्यिकीय अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

विकास योजनाओं में आंकड़ों की अहम भूमिका

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अरुण कुमार यादव ने कहा कि राष्ट्रीय सांख्यिकीय दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज में सांख्यिकी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विकास योजनाओं के निर्माण में विश्वसनीय आंकड़ों की भूमिका को रेखांकित करना है।

उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न विभागों में गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणिक आंकड़ों के आधार पर योजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सके।

रोजगार से लेकर शिक्षा तक योजनाओं की मजबूत नींव

डॉ. यादव ने बताया कि जनपद की विकास योजनाओं में रोजगार, कृषि, पेयजल, शिक्षा, पोषण, सड़क, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं के लिए जनसंख्या और अन्य आधिकारिक आंकड़ों का संग्रह बेहद महत्वपूर्ण होता है।

इन्हीं आंकड़ों के आधार पर राज्य और केंद्र सरकार योजनाओं की रूपरेखा तैयार करती हैं और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाता है।

उन्होंने कहा कि जौनपुर की अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, इसलिए जिले की विकास योजनाएं ग्रामीण जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं।

डिजिटल तकनीक से बढ़ी आंकड़ों की गुणवत्ता

कार्यक्रम में बताया गया कि बदलते समय के साथ डिजिटल तकनीक के उपयोग से आंकड़ों का संग्रह पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी, तेज और सटीक हुआ है।

अब विभिन्न विभाग ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़े एकत्र कर रहे हैं, जिससे विकास योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा रहा है।

सही आंकड़ों के माध्यम से विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और योजनाओं के प्रभाव का आकलन करने में भी सहायता मिल रही है।

नई जनगणना और सर्वेक्षणों से मिलेगी नई जानकारी

डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में चल रही जनगणना और विभिन्न सर्वेक्षणों से प्राप्त होने वाले नए आंकड़े जिले की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की वास्तविक तस्वीर सामने लाएंगे। इससे भविष्य की विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सांख्यिकीय दिवस हमें यह संदेश देता है कि किसी भी देश या जिले का सतत और समावेशी विकास केवल विश्वसनीय एवं प्रमाणिक आंकड़ों के आधार पर ही संभव है।

प्रदेशभर में आयोजित हुआ कार्यक्रम

राष्ट्रीय सांख्यिकीय दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों एवं मंडलीय कार्यालयों में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए।

जौनपुर में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशासनिक आंकड़ों के बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित योजना निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।