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MSME Sector Boost: छोटे कारोबारियों के लिए मोदी सरकार की 8 बड़ी योजनाएं | The Politics Again

‘MSME सेक्टर को मोदी सरकार का ‘बूस्टर डोज’: लोन गारंटी से लेकर डिजिटल पेमेंट तक, जानें छोटे कारोबारियों के लिए 8 बड़ी योजनाएं’

नई दिल्ली (The Politics Again): संतोष सेठ की रिपोर्ट 

देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और छोटे कारोबारियों को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है।

लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने उन तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं और फंड्स की जानकारी दी है, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी MSME को संजीवनी दे रहे हैं।

सरकार द्वारा MSME इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत स्तर पर उठाए गए प्रमुख कदम इस प्रकार हैं:

1. बिना गारंटी 10 करोड़ तक का लोन (CGS) सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSE) को आसानी से लोन मिल सके, इसके लिए क्रेडिट गारंटी निधि ट्रस्ट के जरिए क्रेडिट गारंटी योजना (CGS) लागू की गई है। इसके तहत अब गारंटी कवरेज की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई है।

2. 50,000 करोड़ रुपये का ‘आत्मनिर्भर भारत फंड’ MSME में इक्विटी फंडिंग के लिए 50,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया गया है (10,000 करोड़ रुपये सरकार और 40,000 करोड़ रुपये निजी इक्विटी से)। इसके अलावा, हालिया बजट 2026-27 में इस फंड को बढ़ाने के लिए 2000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद की घोषणा की गई है।

3. इमरजेंसी क्रेडिट लाइन (ECLGS) कोविड-19 महामारी की मार झेलने वाले उद्योगों को उबारने के लिए शुरू की गई आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) के तहत 31 मार्च 2023 तक MSME को 2.42 लाख करोड़ रुपये मूल्य की कुल 1.13 करोड़ गारंटी प्रदान की गई हैं।

4. 45 दिनों में भुगतान की गारंटी (SAMADHAAN) MSMED अधिनियम, 2006 के तहत MSME को उनके माल या सेवा का भुगतान 45 दिन के भीतर करना अनिवार्य है। विलंबित भुगतानों के समाधान के लिए ‘समाधान पोर्टल’ (SAMADHAAN Portal) और ‘सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषदों’ (MSEFC) की स्थापना की गई है।

5. व्यापारियों को ‘प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग’ का लाभ रिटेल और होलसेल (खुदरा और थोक) व्यापारियों को भी MSME श्रेणी में शामिल कर लिया गया है ताकि उन्हें प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (PSL) का लाभ मिल सके। साथ ही, अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमों (IME) को मुख्यधारा में लाने के लिए ‘उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म’ लॉन्च किया गया है।

6. डिजिटल सशक्तिकरण और ई-मार्केटप्लेस ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम के तहत MSME के व्यवसायीकरण और डिजिटलीकरण के लिए कई मंच तैयार किए गए हैं। इनमें उद्यम पोर्टल, MSME चैंपियंस पोर्टल, GeM (सरकारी ई-मार्केटप्लेस), TReDS और PM विश्वकर्मा पोर्टल शामिल हैं, जो ऑनलाइन विवाद समाधान और मार्केटिंग में मदद करते हैं।

7. PMEGP के तहत 35% तक की सब्सिडी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के जरिए गैर-कृषि क्षेत्र में नए उद्योग लगाने के लिए 35% तक मार्जिन मनी सब्सिडी दी जा रही है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग के लिए 50 लाख रुपये और सर्विस सेक्टर के लिए 20 लाख रुपये तक की प्रोजेक्ट लागत शामिल है।

8. PM विश्वकर्मा योजना: पारंपरिक कारीगरों को मदद 18 पारंपरिक व्यवसायों (हाथ और औजार से काम करने वाले कारीगरों) के लिए शुरू की गई इस योजना में 8% तक की ब्याज सब्सिडी के साथ 3 लाख रुपये तक का लोन देने का प्रावधान है।

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