‘इंडिया’ गठबंधन की रैली को CJP का समर्थन, व्यापारियों को कारोबार की चिंता
‘इंडिया’ गठबंधन की महारैली को CJP का समर्थन: दीवाली पर व्यापारियों को कारोबार की चिंता, दिपके ने सेंसरशिप पर सरकार को घेरा”
The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की विशाल रैली को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है।
कांग्रेस द्वारा “वोट बचाओ, देश बचाओ” अभियान के तहत आयोजित इस रैली में देशभर से विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम जुटने की उम्मीद है।
हालांकि, इस मेगा रैली के आयोजन ने दिल्ली के व्यापारियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया सेंसरशिप को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है।
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली और व्यापारियों की चिंता
रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली में करीब 10 लाख लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (CTI) ने दीवाली के त्योहारी सीजन में कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई है।
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने इस संबंध में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक पत्र लिखा है। उन्होंने व्यापारियों की चिंताओं से अवगत कराने के लिए राहुल गांधी से 20 मिनट की मुलाकात का समय मांगा है।
पत्र में कहा गया है कि दिल्ली के 20 प्रमुख बाजारों के प्रतिनिधि यह बताना चाहते हैं कि इस त्योहारी सीजन में इतनी बड़ी रैली से यातायात और व्यापारिक गतिविधियों में किस तरह की भारी बाधाएं आ सकती हैं।
सेंसरशिप पर अभिजीत दिपके का करारा प्रहार
रैली को समर्थन देने के साथ ही CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर सरकार की कथित सेंसरशिप की कड़ी आलोचना की है।
उन्होंने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए सरकार की कंटेंट मॉडरेशन नीतियों पर सवाल उठाए।
दिपके ने लिखा, “इंस्टाग्राम पर की जा रही यह कार्रवाई काम नहीं आएगी! सरकार हर दिन हज़ारों पोस्ट और अकाउंट हटा रही है, लेकिन इंस्टाग्राम तो बस एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहाँ लोग अपने सवाल उठा रहे हैं।
इन सवालों के पीछे की वजहें ज़मीनी हकीकत में मौजूद हैं। अकाउंट हटा देने से समस्याएं खत्म नहीं होंगी, बल्कि इससे जनता के बीच सरकार के प्रति अविश्वास और गहरा होगा।”
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई और उठते सवाल
अभिजीत दिपके की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब मेटा (Meta) और X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ‘सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम’ (IT Act) की धारा 69(A) के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है।
राजनीतिक संगठनों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि युवाओं की बेरोजगारी, पेपर लीक, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और शासन-प्रशासन पर सवाल उठाने वाले पोस्ट्स को जानबूझकर सस्पेंड किया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं का तर्क है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल जनता की असल शिकायतों का आइना हैं। आवाज़ दबाने से रोजगार सृजन या संस्थागत पारदर्शिता जैसे बुनियादी सामाजिक-आर्थिक मुद्दों का कोई समाधान नहीं निकलने वाला है।
1 नवंबर की ‘महारैली’ – समर्थन, चिंताएं और विवाद
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मुख्य बिंदु (Key Highlights) |
विवरण (Details) |
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आयोजन का नाम |
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली (इंडिया गठबंधन) |
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स्थान और तिथि |
रामलीला मैदान, नई दिल्ली (1 नवंबर) |
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संभावित भीड़ |
लगभग 10 लाख लोग |
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नया समर्थन |
अभिजीत दिपके, संस्थापक (कॉकरोच जनता पार्टी – CJP) |
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व्यापारियों की चिंता |
दीवाली सीजन में कारोबार और यातायात बाधित होने का डर। CTI ने राहुल गांधी से मांगा 20 मिनट का समय। |
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सेंसरशिप विवाद |
IT एक्ट की धारा 69(A) के तहत सोशल मीडिया अकाउंट्स सस्पेंड किए जाने पर CJP का विरोध। |
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मुख्य दबे हुए मुद्दे |
पेपर लीक, युवाओं की बेरोजगारी और संस्थागत पारदर्शिता। |











