मानसून का कहर: हिमाचल-उत्तराखंड में तबाही, त्रिपुरा में बाढ़, 30 ट्रेनें रद्द
देश भर में मानसून का रौद्र रूप: हिमाचल-उत्तराखंड में भारी तबाही, त्रिपुरा में बाढ़, 30 ट्रेनें रद्द”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बाद झमाझम बारिश का दौर जारी है। लेकिन कई राज्यों में यह बारिश अब आफत बन चुकी है।
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों, विशेषकर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश अपने प्रचंड चरण में है। नदियां और पहाड़ी नाले उफान पर हैं, और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है।
वहीं, त्रिपुरा में बाढ़ से हाहाकार है और महाराष्ट्र-केरल में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
हिमाचल और उत्तराखंड: भूस्खलन से मौतें और बंद रास्ते
पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर दिख रहा है।
-
हिमाचल प्रदेश में वर्षा जनित घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग घायल हुए हैं। कुल्लू जिले में पहाड़ी से गिरे बड़े पत्थर की चपेट में आने से 70 वर्षीय एक बुजुर्ग की जान चली गई।
-
हिमाचल के सिरमौर और सोलन जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जबकि कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर भूस्खलन के कारण कई लोगों के घायल होने की खबर है।
-
उत्तराखंड में यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद हैं। राज्य में कुल 118 सड़कें प्रभावित हुई हैं।
-
हालात की गंभीरता को देखते हुए देहरादून समेत उत्तराखंड के सात जिलों में शुक्रवार को 12वीं तक के स्कूलों को बंद रखना पड़ा। हरिद्वार के भगवानपुर में उफनती नदी में डूबने से 18 वर्षीय युवक की दुखद मौत हो गई।
त्रिपुरा में बाढ़ से 11 हजार लोग बेघर
पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश ने बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। राज्य के उनकोटी, खोवाई और धलाई जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा के कारण करीब 11,000 लोग बेघर हो गए हैं, जबकि 4,027 मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
आईएमडी (IMD) का अलर्ट: कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम भारत समेत देश के कई हिस्सों में अगले तीन-चार दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
-
हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, यूपी, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में 7 से 20 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।
-
दक्षिण और पश्चिम भारत (केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र) में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
केरल और महाराष्ट्र: रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, रेल यातायात ठप
केरल के वायनाड में 7 जुलाई को हुए भूस्खलन (अनाक्कोम्पोयिल-मेप्पाडी टनल प्रोजेक्ट) वाली जगह से एक और शव बरामद हुआ है, जिससे मृतकों की संख्या 7 हो गई है।
मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी सर्वेयर राकेश गुचैत के रूप में हुई है, जबकि हिमाचल प्रदेश के विक्रम राणा अभी भी लापता हैं।
दूसरी ओर, महाराष्ट्र के मुंबई में बारिश से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन पुणे में स्थिति तनावपूर्ण है। यहां कूड़े के पहाड़ के नीचे दबी इमारत में 3 दिन बाद भी 8 लोग फंसे हुए हैं।
सामने का हिस्सा मलबे में तब्दील होने के कारण रेस्क्यू टीम पीछे से रास्ता बनाकर उन्हें निकालने का प्रयास कर रही है।
वहीं, भोर घाट में भारी भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे रेल कॉरिडोर बुरी तरह बाधित हुआ है। इसके 17 जुलाई से पहले सुचारू होने की संभावना नहीं है, जिसके चलते 30 लंबी दूरी की ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।











