1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत मंगल पांडे की जयंती पर पूरा देश उनके अदम्य साहस और बलिदान को नमन कर रहा है।
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक मंगल पांडे की जयंती पर नमन, दिग्गजों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखने वाले और विदेशी हुकूमत के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंकने वाले अमर क्रांतिकारी मंगल पांडे की जयंती पर आज पूरा देश उन्हें सादर नमन कर रहा है। उनकी वीरता और बलिदान की गाथा आज भी हर भारतीय को राष्ट्रप्रेम के लिए प्रेरित करती है।
इस अवसर पर देश के कई शीर्ष नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।
नितिन गडकरी (केंद्रीय मंत्री): उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा, “स्वाधीनता संग्राम के अग्रणी योद्धा मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन।”
योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश): सीएम योगी ने कहा, “प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत और अमर क्रांतिवीर मंगल पांडे की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
उन्होंने विदेशी शासन के विरुद्ध संघर्ष की ऐसी अलख जगाई, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की। उनका सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र को सदैव प्रेरित करता रहेगा।”
पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री, उत्तराखंड): सीएम धामी ने नमन करते हुए लिखा, “वर्ष 1857 में विदेशी शासन के विरुद्ध उनके अदम्य साहस और बलिदान ने स्वतंत्रता की ज्योति प्रज्वलित की। मातृभूमि के लिए उनका सर्वोच्च समर्पण सदैव अमर रहेगा।”
रेखा गुप्ता (मुख्यमंत्री, दिल्ली): उन्होंने पोस्ट में लिखा, “महान क्रांतिकारी मंगल पांडे की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
उनके साहसिक विद्रोह ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। उनका त्याग देशवासियों को सदैव प्रेरित करेगा।”
नायब सिंह सैनी (मुख्यमंत्री, हरियाणा): उन्होंने अपने संदेश में कहा, “स्वतंत्रता संग्राम का प्रथम शंखनाद करने वाले क्रांति के अग्रदूत को नमन। उनका बलिदान आजादी के महायज्ञ के लिए प्रेरणास्रोत है।”
शिवराज सिंह चौहान (केंद्रीय कृषि मंत्री): उन्होंने नमन करते हुए लिखा, “मातृभूमि के प्रति आपका त्याग और बलिदान सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। देश आपका अनंत काल तक ऋणी रहेगा।”
मंगल पांडे ने 1857 में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया था, जिसने अंग्रेजों की नींव हिला दी थी।
उनकी यह क्रांति ही आगे चलकर आजादी की महासंग्राम में तब्दील हुई। मातृभूमि के सम्मान की रक्षा के लिए उनका संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में सदैव अमर रहेगा।
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