महाराष्ट्र : 23 परिषदों और पंचायतों के लिए मतदान जारी; कल आएंगे नतीजे
“महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के दूसरे और अंतिम चरण के तहत आज राज्य की 23 नगर परिषद और नगर पंचायतों में मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। बॉम्बे हाईकोर्ट और राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद, इन क्षेत्रों में अध्यक्ष और सदस्य के कुल 143 पदों के लिए वोट डाले जा रहे हैं”
मुंबई | 20 दिसंबर 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
प्रमुख चुनावी क्षेत्र और बाधाएं
बता दें कि राज्य के 288 स्थानीय निकायों में से अधिकांश में चुनाव पहले ही हो चुके थे, लेकिन 23 क्षेत्रों में अदालती अपीलों और नामांकन प्रक्रिया में आई बाधाओं के कारण मतदान को 20 दिसंबर तक के लिए टाल दिया गया था।
आज जहाँ मतदान हो रहा है, उनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:
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ठाणे जिला: अंबरनाथ।
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अहिल्यानगर: कोपरगांव, देवळाली प्रवरा, पाथर्डी, नेवासा।
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पुणे जिला: बारामती, फुरसुंगी और उरुळी देवाची।
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अन्य क्षेत्र: महाबलेश्वर, फलटण (सातारा), निलंगा, रेणापूर (लातूर), वसमत (हिंगोली), अंजनगाव सुर्जी (अमरावती), बाळापूर (अकोला), यवतमाळ, वाशिम, और घुग्घूस (चंद्रपुर)।
न्यायालय का निर्देश: 21 दिसंबर को एक साथ होगी मतगणना
इससे पहले, 2 दिसंबर को राज्य की अन्य 264 नगर परिषदों में मतदान हुआ था, जिनके नतीजे 3 दिसंबर को आने थे। हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मतगणना को टाल दिया था।
अदालत का तर्क था कि यदि 264 निकायों के परिणाम पहले घोषित कर दिए गए, तो उनका प्रभाव आज (20 दिसंबर) होने वाले शेष 23 निकायों के मतदान पर पड़ सकता है।
अतः, निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अब सभी 288 निकायों के नतीजे कल, यानी रविवार 21 दिसंबर को एक साथ घोषित किए जाएंगे।
चुनावी माहौल और सुरक्षा व्यवस्था
शुक्रवार रात 10 बजे इन क्षेत्रों में चुनाव प्रचार थम गया था। आज सुबह 7:30 बजे से मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
मुख्य बातें: एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
| कुल निकाय | 23 नगर परिषद और पंचायतें |
| कुल सदस्य पद | 143 |
| मतदान का समय | सुबह 7:30 से शाम 5:30 तक |
| मतगणना की तारीख | 21 दिसंबर 2025 (रविवार) |
| अगला चरण | 15 जनवरी 2026 (BMC समेत 29 नगर निगमों के चुनाव) |
यह चुनाव परिणाम राज्य की सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) के लिए अपनी जमीनी पकड़ साबित करने का बड़ा लिटमस टेस्ट माना जा रहा है।











