पश्चिम बंगाल : सरकार बनाने के लिए कितनी सीटों की जरूरत है? यहां जान लीजिए बहुमत का आंकड़ा
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम आज: 293 सीटों पर वोटों की गिनती शुरू, जानिए बहुमत का आंकड़ा और सुरक्षा के सख्त इंतजाम
कोलकाता:द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बहुप्रतीक्षित परिणाम आज (सोमवार) घोषित होने जा रहे हैं।
राज्य की सत्ता का ताज किसके सिर सजेगा, इसका फैसला आज ईवीएम (EVM) खुलने के साथ हो जाएगा।
निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार, सबसे पहले सुबह 8 बजे से पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्रों) की गिनती की जाएगी और उसके बाद ईवीएम में दर्ज वोटों की गिनती शुरू होगी।
294 में से 293 सीटों पर आज आएंगे नतीजे
पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं, लेकिन आज केवल 293 सीटों के ही परिणाम घोषित किए जाएंगे।
दक्षिण 24 परगना जिले की ‘फलता’ विधानसभा सीट पर 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान गंभीर चुनावी गड़बड़ियों के आरोप लगे थे। इसके बाद चुनाव आयोग ने यहां का चुनाव रद्द कर दिया था।
अब फलता सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान कराया जाएगा और इसके नतीजे 24 मई को घोषित होंगे।
सरकार बनाने के लिए कितनी सीटों की है जरूरत?
राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों के लिहाज से किसी भी दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत हासिल कर सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा ‘148’ पार करना होगा।
गौरतलब है कि राज्य में इस बार दो चरणों में बंपर मतदान हुआ है। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोट डाले गए थे।
25 जिलों के 77 केंद्रों पर हो रही मतगणना
मतगणना प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य के 25 जिलों में 77 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें कुल 459 हॉल शामिल हैं।
इस पूरी प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करने के लिए चुनाव आयोग ने 533 पर्यवेक्षकों (ऑब्जर्वर) की तैनाती की है।
एजेंट्स के लिए QR बेस्ड आई-कार्ड, परिंदे को भी पर मारने की इजाजत नहीं
पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान हुई हिंसा को देखते हुए आज मतगणना के दिन सुरक्षा के अभूतपूर्व और तगड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि शांतिपूर्ण मतगणना के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश को रोकने के लिए राजनीतिक दलों के सभी काउंटिंग एजेंट्स को ‘QR बेस्ड आई-कार्ड’ (QR-based ID cards) जारी किए गए हैं।
मतगणना केंद्रों के अंदर केवल इसी कार्ड को स्कैन करने के बाद ही एंट्री दी जा रही है।











