महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2025: महायुति की सुनामी में ढहा विपक्ष; 288 में से 207 अध्यक्ष पदों पर कब्ज़ा

“महाराष्ट्र की 288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणामों ने राज्य में सत्ताधारी ‘महायुति’ गठबंधन के पक्ष में एकतरफा और प्रचंड जनादेश दिया है”

मुंबई/नागपुर 22 दिसंबर, 2025, संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार) के गठबंधन ने विपक्ष को हाशिए पर धकेलते हुए कुल 207 अध्यक्ष पदों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। वहीं, विपक्षी महा विकास आघाड़ी (MVA) को मात्र 44 सीटों पर संतोष करना पड़ा।

चुनावी नतीजों का विस्तृत विश्लेषण

राज्य चुनाव आयोग (SEC) के आंकड़ों के मुताबिक, महायुति ने न केवल अध्यक्ष पदों पर बल्कि पार्षदों की संख्या में भी भारी बढ़त बनाई है।

पार्टी/गठबंधन अध्यक्ष पद (जीत) पार्षदों की संख्या (लगभग)
भारतीय जनता पार्टी (BJP) 117 3,325+
शिवसेना (एकनाथ शिंदे) 53 1,100+
एनसीपी (अजित पवार) 37
कांग्रेस (INC) 28
शिवसेना (UBT) 09
एनसीपी (शरद पवार) 07

अन्य निर्दलीयों और छोटे दलों ने भी 28 से अधिक सीटों पर जीत हासिल की है।


पीएम मोदी और अमित शाह की प्रतिक्रिया: “विकास की राजनीति पर मुहर”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत को जनता का अटूट विश्वास बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “महाराष्ट्र विकास के साथ मजबूती से खड़ा है। यह जनकेंद्रित विकास के हमारे दृष्टिकोण में जनता के विश्वास को दर्शाता है।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे ‘अच्छे शासन’ की जीत बताते हुए कहा कि यह जनादेश केंद्र और राज्य सरकार द्वारा हर वर्ग के कल्याण के लिए किए गए कार्यों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री फडणवीस का ‘सकारात्मक’ फॉर्मूला

नागपुर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “यह संगठन और सरकार के संयुक्त प्रयास का नतीजा है। मैंने पूरे अभियान में किसी की आलोचना नहीं की, केवल विकास के मुद्दे पर सकारात्मक वोट मांगे और जनता ने हमें शत-प्रतिशत आशीर्वाद दिया।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह जीत 15 जनवरी 2026 को होने वाले नगर निगम चुनावों के लिए एक ‘ट्रेलर’ मात्र है।


विपक्ष के आरोप: ‘धनबल’ और ‘EVM’ पर सवाल

हार के बाद विपक्षी खेमे में भारी असंतोष देखा जा रहा है।

  • संजय राउत (शिवसेना UBT): उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव की तरह इन चुनावों में भी “मशीनों की सेटिंग” और “धनबल” का सहारा लिया गया है।

  • कांग्रेस: प्रदेश नेतृत्व ने राज्य निर्वाचन आयोग पर तंज कसते हुए उन्हें महायुति की ‘मदद’ करने के लिए ‘बधाई’ दी। कांग्रेस ने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

क्षेत्रीय प्रभाव और बड़ी बातें

  • विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र: भाजपा ने यहाँ अपना वर्चस्व कायम रखा। नागपुर जिले की 15 में से 14 निकायों पर महायुति ने कब्जा किया।

  • कोंकण: एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने यहाँ मजबूत पैठ बनाई है।

  • पश्चिमी महाराष्ट्र: यहाँ एनसीपी (अजित पवार) ने शरद पवार गुट के गढ़ में सेंधमारी की।