कोलकाता के तारातला में हुए गोदाम हादसे के बाद एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल में मची चीख-पुकार और घायलों का हाल जानने पहुंचे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
तारातला गोदाम हादसा: चीख-पुकार और आंसुओं के बीच SSKM अस्पताल पहुंचे सीएम शुभेंदु, 5 की दर्दनाक मौत, 21 का हुआ रेस्क्यू”
कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में एक निर्माणाधीन गोदाम के ढह जाने से भारी तबाही मच गई है।
बुधवार की शाम को हुए इस खौफनाक हादसे के बाद एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल का ट्रॉमा केयर सेंटर दर्द, बेचैनी और अपनों को जिंदा देखने की उम्मीद का केंद्र बन गया।
इस दर्दनाक हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 21 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
हादसे की खबर फैलते ही एसएसकेएम अस्पताल के बाहर घबराए परिजनों की भीड़ लग गई। कोई अपनी नम आंखों से बेटे को ढूंढ रहा था।
तो कोई अपने भाई का नाम पुकारते हुए बदहवास सा अस्पताल के गलियारों में भटक रहा था। हर किसी के होठों पर बस एक ही सवाल था—“वो बचा है न?”
मलबे में दबे खालेक सरदार के परिजनों की आंखों में खौफ साफ झलक रहा था। रुंधे गले से उन्होंने बताया:
“दोपहर 3 बजे उससे बात हुई थी। उसने बस इतना कहा था—मैं ठीक हूं, चिंता मत करो… फिर फोन कट गया। उसके बाद से उसकी कोई खबर नहीं है।”
वहीं, एक अन्य व्यक्ति इद्रिस अली ने बताया कि टीवी पर हादसे की खौफनाक तस्वीरें देखने के बाद वह बदहवास हालत में अस्पताल भागे आए, लेकिन अब तक उनके रिश्तेदार का कुछ पता नहीं चल पाया है।
परिजनों की इन सिसकियों और बेचैन चेहरों के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी स्थिति का जायजा लेने एसएसकेएम अस्पताल पहुंचे।
इस दौरान उनके साथ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय और मंत्री अग्निमित्रा पाल भी मौजूद थीं।
अस्पताल पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने तारातला में घटनास्थल का दौरा किया था और राहत-बचाव कार्यों की बारीकी से समीक्षा की थी।
इसके बाद उन्होंने नवान्न (राज्य सचिवालय) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को ताजा हालातों की जानकारी दी।
एसएसकेएम अस्पताल पहुंचकर मुख्यमंत्री ने घायल मजदूरों का हाल जाना और उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों की टीम से विस्तृत रिपोर्ट ली। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया:
राहत एवं बचाव टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद अब तक 21 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला है।
इनमें से कई गंभीर रूप से घायलों का एसएसकेएम के ट्रॉमा केयर में इलाज चल रहा है।
दुर्भाग्यवश, इस दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है।
‘The Politics Again’ की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन की टीमें अभी भी मलबे को हटाने के काम में जुटी हुई हैं।
वहीं अस्पताल के बाहर खड़े हर एक चेहरे की अब बस यही प्रार्थना है कि मलबे में फंसा कोई भी मजदूर अब मृत बाहर न आए और सभी अपने घरों को जिंदा लौट जाएं।
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