A group of protesting farmers sitting on the highway near heavy police barricading at the Khanauri border during their Kisan Bachao Padyatra

फिर गरमाया किसान आंदोलन, सड़क पर गुजरी किसानों की रात

खनौरी बॉर्डर पर फिर गरमाया किसान आंदोलन: ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ को हरियाणा पुलिस ने रोका, सड़क पर गुजरी किसानों की रात”

जींद/संगरूर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पंजाब और हरियाणा की सीमा पर स्थित खनौरी बॉर्डर एक बार फिर किसान आंदोलन का प्रमुख केंद्र बन गया है।

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और भारतीय किसान यूनियन (BKU) एकता सिद्धूपुर के बैनर तले किसानों ने 228 किलोमीटर लंबी ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ की शुरुआत की है।

यह जत्था पंजाब से निकलकर दिल्ली के जंतर-मंतर की ओर शांतिपूर्ण ढंग से पैदल मार्च कर रहा था, लेकिन जींद के दाता सिंह वाला-खनौरी चेकपॉइंट पर हरियाणा पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारी बैरिकेडिंग कर किसानों का रास्ता रोक दिया है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और MSP पर तकरार

इस नए किसान आंदोलन की मुख्य वजह प्रस्तावित भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता है। किसान नेताओं को आशंका है कि यदि कृषि, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर को इस समझौते के दायरे में लाया गया, तो विदेशी उत्पादों के सस्ते आयात से भारतीय किसानों की कमर टूट जाएगी और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा।

बीकेयू एकता सिद्धूपुर के अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने स्पष्ट किया कि देश के किसानों के अस्तित्व को बचाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पक्का कानून बनवाना और भारतीय कृषि को अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समझौतों के दबाव से मुक्त रखना बेहद जरूरी है।

सड़क पर कटी रात, किसानों का शांतिपूर्ण मार्च का दावा

रविवार शाम जब हरियाणा पुलिस ने किसानों को सीमा में प्रवेश करने से रोका, तो प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग पर ही अपने बिस्तर बिछा लिए और पूरी रात खुले आसमान के नीचे सड़क किनारे बिताई।

किसानों का कहना है कि वे बिना किसी ट्रैक्टर-ट्रॉली के केवल 51 लोगों के सीमित जत्थे के साथ शांतिपूर्ण तरीके से पैदल दिल्ली जा रहे हैं।

उनका आरोप है कि प्रशासन लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के उनके संवैधानिक अधिकार को छीन रहा है।

जींद में धारा 163 लागू, सीमा पर कड़े सुरक्षा प्रबंध

किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान को देखते हुए हरियाणा पुलिस और जींद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।

नरवाना नहर पुल और खनौरी सीमा पर सुरक्षा के बेहद कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। सीमा पर कंक्रीट के बड़े बोल्डर, लोहे के बैरिकेड्स, कंटीले तार, वाटर कैनन और वज्र वाहन तैनात कर दिए गए हैं।

इसके अलावा, जींद प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है, जिससे किसी भी प्रकार के सार्वजनिक जमावड़े और बिना अनुमति के मार्च निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

29 अगस्त को जंतर-मंतर पर महापंचायत की तैयारी

किसान नेताओं के कार्यक्रम के अनुसार, 16 अगस्त से शुरू हुई यह पदयात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए 29 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने के लिए निर्धारित है, जहां एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया जाना है।

स्थानीय प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई शुरुआती वार्ता बेनतीजा रही है। इसके बाद, किसान नेताओं ने अपने शांतिपूर्ण आवागमन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) और उच्च न्यायालय (High Court) से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।

PREMIUM NEWS

अपनी Premium Membership चुनें

Premium articles बिना restriction पढ़ें।

Monthly

₹99/month

30 days Premium access

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

The Politics Again will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.