राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' के गायन को रोकने का आरोप लगाया और सोनिया गांधी से देश से माफी मांगने की मांग की है।
‘वंदे मातरम’ को बीच में रोकने पर घमासान: अमित शाह का कांग्रेस पर तीखा हमला, कहा- सोनिया गांधी देश से माफी मांगें”
चित्तौड़गढ़/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी ने उग्र रूप ले लिया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और विशेष रूप से सोनिया गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
शाह ने राष्ट्रगीत को बीच में रोकने का आरोप लगाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और पार्टी से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
चित्तौड़गढ़ की जनसभा में गरजते हुए अमित शाह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर कांग्रेस मुख्यालय में जो कुछ हुआ, वह पूरे देश ने देखा है।
उन्होंने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जब कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ गाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी ने पार्टी अध्यक्ष की ओर इशारा कर उसे बीच में ही रोकने का प्रयास किया।
गृह मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि देश की 140 करोड़ जनता इस घटनाक्रम की साक्षी है और कांग्रेस को इसका जवाब देना ही होगा।
अमित शाह ने इस घटना को राष्ट्रगीत का अपमान करार देते हुए कहा कि “देश की जनता कांग्रेस को इस कृत्य के लिए कभी माफ नहीं करेगी।”
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की है कि वे राष्ट्रगीत को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें और देशवासियों के साथ-साथ ‘वंदे मातरम’ के रचयिता महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय से भी बिना शर्त माफी मांगें।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस पर ‘वोट बैंक की राजनीति’ के लिए राष्ट्रीय प्रतीकों से समझौता करने का आरोप लगाया।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में ‘वंदे मातरम’ की ऐतिहासिक भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि लाखों भारतीयों के संघर्ष, राष्ट्रभक्ति और बलिदान का सर्वोच्च प्रतीक था।
शाह ने कहा, “अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ हजारों स्वतंत्रता सेनानी इसी ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष करते हुए जेल गए और फांसी के फंदों को चूमा।
जब पूरे देश में ध्वजारोहण के साथ इस गीत का सम्मानपूर्वक गायन हो रहा था, तब कांग्रेस मुख्यालय में सामने आए इस विवाद ने पार्टी की मानसिकता को उजागर कर दिया है।”
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