पुलिस हत्या वाले बाथरूम के फर्श की खुदाई करते हुए

जाने! आगरा में क्यों पत्नी ने पति को मारकर बाथरूम के नीचे दफनाया?

आगरा की खौफनाक मर्डर मिस्ट्री: खीर में मौत, बाथरूम में कब्र और लाश के ऊपर रोज नहाना…

THE POLITICS AGAIN डेस्क (क्राइम डायरी)

क्राइम थ्रिलर फिल्में और वेब सीरीज देखकर कोई इंसान असल जिंदगी में कितना खौफनाक हो सकता है, इसकी रूह कंपा देने वाली मिसाल उत्तर प्रदेश के आगरा से सामने आई है।

एक पत्नी, जिसे अपने शराबी पति से नफरत थी। उसने हत्या की ऐसी खौफनाक पटकथा लिखी, जिसे सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए।

हत्या के बाद डेढ़ महीने तक वह कातिल पत्नी अपने ही पति की ‘कब्र’ के ऊपर बैठकर रोज नहाती रही और दुनिया को गुमराह करती रही।

आइए जानते हैं सिकंदरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी की इस खौफनाक ‘क्राइम सस्पेंस’ स्टोरी के हर एक पन्ने को…

क्राइम सस्पेंस पार्ट 1: बेवजह की कलह और ‘परफेक्ट मर्डर’ का प्लान

44 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा कोई काम नहीं करता था और शराब पीने का आदी था। पत्नी रूबी से उसका आए दिन झगड़ा होता था। इसी कलह से तंग आकर रूबी के दिमाग में हत्या का फितूर पनपने लगा।

उसने टीवी पर क्राइम वेब सीरीज और फिल्में देखना शुरू किया। वह एक ऐसा ‘परफेक्ट मर्डर’ करना चाहती थी, जिसमें न खून बहे और न किसी को शक हो।

खौफनाक रात (18 मई): रूबी ने एक खौफनाक साजिश के तहत सुरेंद्र के लिए खीर बनाई। मिठास में मौत घोलते हुए उसने उस खीर में नींद की 20 से ज्यादा गोलियां मिला दीं। गहरी नींद में सोए सुरेंद्र ने फिर कभी आंखें नहीं खोलीं।

क्राइम सस्पेंस पार्ट 2: बाथरूम की खुदाई और लाश के ऊपर नहाना

हत्या के बाद असली चुनौती थी लाश को ठिकाने लगाना। रूबी ने अपने ही घर के बाथरूम को सुरेंद्र की कब्रगाह बना दिया। बाथरूम का फर्श कमरे से दो-तीन फीट नीचे था।

उसने सुरेंद्र की लाश को वहीं गड्ढे में डाला, ऊपर से मिट्टी डाली और एक मिस्त्री को बुलाकर उस पर पक्का फर्श बनवा दिया।

सबसे खौफनाक सच

लाश को दफनाने के बाद रूबी उसी घर में अपनी दो बेटियों (15 और 9 साल) और सास के साथ बड़े आराम से रहने लगी।

वह रोज उसी बाथरूम में जाती और उस फर्श के ऊपर बैठकर नहाती, जिसके ठीक नीचे उसके पति की लाश सड़ रही थी।

क्राइम सस्पेंस पार्ट 3: ‘एक पुरानी फाइल’ और ‘पेंशन के पैसे’ ने खोला राज

कातिल चाहे जितना शातिर हो, कोई न कोई सुराग जरूर छोड़ता है। रूबी की यह ‘परफेक्ट मर्डर मिस्ट्री’ दो कारणों से खुली:

  1. पेंशन का लालच: मृतक की मां को 32 हजार रुपये पेंशन मिलती थी, जिसका डेबिट कार्ड रूबी के पास था। जून में रूबी ने जेठ अनिल को 10 हजार रुपये का हिस्सा यह कहकर नहीं दिया कि पेंशन नहीं आई है।

  2. जब अनिल ने बैंक में चेक किया तो पता चला कि पैसे निकाले जा चुके हैं। यहां से अनिल को रूबी पर शक गहरा गया।

  3. पुलिस की अचानक एंट्री: 2017 में सुरेंद्र पर एक ट्रक चोरी का मुकदमा दर्ज था। उसी मामले के सत्यापन के लिए बुधवार को अचानक पुलिस सुरेंद्र के घर पहुंच गई। जब रूबी ने कहा कि पति 18 मई से लापता है, तो पुलिस ने रूबी की फोटो खींच ली।

वर्दी देखते ही और फोटो खिंचने से रूबी बुरी तरह घबरा गई। उसे लगा कि उसका राज खुल चुका है। खौफ के मारे उसने शुक्रवार सुबह अपने जेठ अनिल को बुलाया और सिसकते हुए पूरी खौफनाक सच्चाई उगल दी।

क्राइम सस्पेंस पार्ट 4: फर्श की खुदाई और कंकाल की बरामदगी

अनिल की सूचना पर पुलिस तुरंत रेणुका धाम कॉलोनी पहुंची। पुलिस ने जैसे ही बाथरूम का फर्श तुड़वाया, अंदर से सुरेंद्र का कंकाल बरामद हुआ। पास ही पड़े रुद्राक्ष की माला और कड़े से जेठ ने उसकी पहचान की।

बदलते बयान और अनसुलझे सवाल

पुलिस की गिरफ्त में आते ही रूबी ने अपनी चाल बदल दी। पहले उसने नींद की गोली की बात कबूली, फिर कहानी गढ़ते हुए कहा कि ‘पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी, मैं घबरा गई थी इसलिए लाश को दफना दिया।’

क्या इस खौफनाक साजिश में कोई और भी था?

डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के मुताबिक, रूबी ने अकेले हत्या करने की बात कबूली है। लेकिन पुलिस को शक है कि एक महिला अकेले लाश को बाथरूम तक घसीटकर गड्ढे में नहीं डाल सकती।

फोरेंसिक टीम ने डीएनए जांच के लिए सैंपल भेज दिए हैं। रातभर हवालात में सिसकती रूबी को अब जेल भेज दिया गया है।

लेकिन पुलिस के राडार पर अब वह “अज्ञात मददगार” है जिसने इस खौफनाक पटकथा में रूबी का साथ दिया था।

रहस्य अभी पूरी तरह से सुलझा नहीं है!