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पीएम की अपील से ज्यूलरी स्टॉक्स क्रैश, टाइटन-कल्याण ज्वेलर्स टूटे

पीएम मोदी की अपील का ‘दलाल स्ट्रीट’ पर असर: धड़ाम हुए ज्यूलरी स्टॉक्स, टाइटन और कल्याण ज्वेलर्स के शेयर 12% तक टूटे”

मुंबई/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के पहले ही दिन कोहराम मच गया। जहां एक ओर सेंसेक्स और निफ्टी भारी गिरावट के साथ खुले, वहीं ज्यूलरी सेक्टर के शेयरों में जबर्दस्त ‘क्रैश’ देखने को मिला। टाइटन, कल्याण ज्यूलर्स और सेनको गोल्ड जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर 12% तक लुढ़क गए।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यूलरी स्टॉक्स में आई इस भारी गिरावट की मुख्य वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह बयान है, जिसमें उन्होंने नागरिकों से एक साल तक सोने की खरीदारी टालने की अपील की है।

क्यों गिरे ज्यूलरी स्टॉक्स?

रविवार को हैदराबाद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक आर्थिक संकट और सप्लाई चेन की चुनौतियों का जिक्र किया था।

पीएम ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) बचाने के लिए नागरिकों से कुछ कड़े संकल्प लेने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से अपील की कि देशहित में नागरिक एक साल के लिए सोने की खरीद और गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को स्थगित कर दें।

पीएम की इस अपील का सीधा असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा, जिससे सोमवार सुबह बाजार खुलते ही ज्यूलरी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दौर शुरू हो गया।

ज्यूलरी स्टॉक्स का हाल (सोमवार की गिरावट):

कंपनी का नाम गिरावट (प्रतिशत में)
स्काई गोल्ड 12.2% ↓
सेनको गोल्ड 10.7% ↓
कल्याण ज्यूलर्स 8.3% ↓
टाइटन कंपनी 6.4% ↓

 

पीएम मोदी के अन्य सुझाव और बाजार का मिजाज

प्रधानमंत्री ने केवल सोना ही नहीं, बल्कि विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

उन्होंने पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करने, मेट्रो सेवाओं और कार पूलिंग को बढ़ावा देने, वर्क फ्रॉम होम (WFH) अपनाने और पार्सल के लिए सड़क के बजाय रेल सेवाओं का उपयोग करने की सलाह दी।

बाजार में चौतरफा गिरावट

सोमवार को केवल ज्यूलरी ही नहीं, बल्कि पूरे बाजार में बिकवाली का दबाव दिखा।

  • सेंसेक्स: 690.1 अंकों की भारी गिरावट के साथ 76,638.09 पर खुला।

  • निफ्टी: 205.9 अंकों के नुकसान के साथ 23,970.10 पर कारोबार शुरू किया।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अगर उपभोक्ता पीएम की अपील को गंभीरता से लेते हैं और सोने की मांग में कमी आती है, तो ज्यूलरी कंपनियों के तिमाही नतीजों और मार्जिन पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। यही डर निवेशकों को इन स्टॉक्स से दूर कर रहा है।

Santosh SETH

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