JAUNPUR

जौनपुर के ऐतिहासिक गुजर ताल का होगा सौंदर्यीकरण, डीएम ने दिए निर्देश

जौनपुर के ऐतिहासिक ‘गुजर ताल’ का होगा कायाकल्प: डीएम सैमुअल पॉल एन. ने दिए वृहद वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण के निर्देश “

जौनपुर (शाहगंज): द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट 

जिले की ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों को सहेजने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है।

जौनपुर में प्रशासनिक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और जल निकायों के जीर्णोद्धार पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

पीली नदी के पुनरुद्धार (Pili River Rejuvenation) जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की तर्ज पर अब शाहगंज क्षेत्र के खेतासराय स्थित ऐतिहासिक ‘गुजर ताल’ (Gujar Taal) का भी कायाकल्प होने जा रहा है।

शनिवार को जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. ने गुजर ताल का स्थलीय निरीक्षण किया और इसके सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

वृहद वृक्षारोपण और हाई मास्ट लाइट से रोशन होगा परिसर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ताल के विकास का खाका खींचते हुए कई अहम निर्देश दिए:

  • हरित आवरण: गुजर ताल के किनारों पर बड़े पैमाने पर (वृहद स्तर पर) वृक्षारोपण कराया जाएगा, ताकि क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन सुदृढ़ हो और हरियाली को बढ़ावा मिले।

  • पर्यटन और सुरक्षा: इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ताल परिसर में सोलर लाइट और हाई मास्ट लाइट लगाई जाएंगी।

  • इससे रात के समय भी यहां पर्याप्त रोशनी रहेगी और पर्यटकों को सुरक्षित व आकर्षक माहौल मिलेगा।

प्लास्टिक मुक्त होगा ताल, स्वच्छता पर विशेष जोर

पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने ताल परिसर को पूरी तरह से ‘प्लास्टिक मुक्त’ (Plastic Free Zone) घोषित करने और प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं।

  • आसपास के इलाकों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • नागरिकों और पर्यटकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए जगह-जगह पर सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।

समन्वित प्रयास से बनेगी प्राकृतिक धरोहर

डीएम सैमुअल पॉल एन. ने स्पष्ट किया कि गुजर ताल जौनपुर जनपद की एक बेहद महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है।

इसके संरक्षण और विकास के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।

लक्ष्य यह है कि यह स्थल न केवल पर्यावरण संरक्षण का मॉडल बने, बल्कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक बड़ा केंद्र भी बनकर उभरे।

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के अवसर पर डीएफओ (DFO), उपजिलाधिकारी शाहगंज, जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

Santosh SETH

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