JAUNPUR

जौनपुर: ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को किया जागरूक

🌾 जौनपुर में ‘खेत बचाओ अभियान’: विशेषज्ञों ने किसानों को दी जैविक खेती की सलाह, बोले- ‘मिट्टी एक जीवित तंत्र है, इसे बचाएं’

जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट 

जनपद में कृषि को बढ़ावा देने और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा शनिवार को “खेत बचाओ अभियान” और “विकसित कृषि संकल्प अभियान” के तहत वृहद किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को मृदा (मिट्टी) स्वास्थ्य संरक्षण, जैव-उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग और सतत कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करना था।

‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि इस जागरूकता अभियान में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को क्या अहम सलाह दी:

📍 इन गांवों में पहुंचा अभियान, बांटे गए जैव-उत्पाद

यह जागरूकता कार्यक्रम जनपद के ग्राम नसीरूद्दीनपुर, मीरपुर, अब्बोपुर बड़ागांव, विशुनपुर लेबरुआ एवं अमरौना में आयोजित किया गया।

  • वितरण: कार्यक्रम के दौरान किसानों को मुफ्त में जैव-उर्वरक एवं जैव-नियंत्रक उत्पाद (बायोडर्मा/ट्राइकोडर्मा) वितरित किए गए।

  • साथ ही किसानों को खेती से जुड़े तकनीकी साहित्य की प्रतियां भी प्रदान की गईं ताकि वे वैज्ञानिक तरीके से खेती कर सकें।

🗣️ विशेषज्ञों ने दिए खेती के ‘मूलमंत्र’

कार्यक्रम में मौजूद केवीके (KVK) बक्शा और कृषि विभाग के तमाम विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाए:

  • उप परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. रमेश चंद्र यादव ने कहा कि “मिट्टी केवल एक भौतिक माध्यम ही नहीं, बल्कि एक जीवित माध्यम है।” इसकी उर्वरा शक्ति बनाए रखना हमारी भविष्य की खाद्य सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी है।

  • डॉ. राजीव सिंह ने मृदा में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जैव-उत्पादों के प्रयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटती है और खेती की लागत कम होती है।

  • डॉ. रूपेश सिंह ने मृदा परीक्षण पर आधारित संतुलित पोषण प्रबंधन का लाइव प्रदर्शन किया।

  • डॉ. सुरेन्द्र सोनकर ने हरी खाद और संतुलित उर्वरक के लाभ बताए, वहीं डॉ. हरिओम वर्मा ने मिट्टी को स्वस्थ रखने को सामूहिक जिम्मेदारी बताया।

🔬 वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी की जांच पर जोर

कार्यक्रम में डॉ. गजेन्द्र सिंह ने संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, डॉ. दिनेश कुमार ने ट्राइकोडर्मा के उपयोग और इंजीनियर वरुण कुमार ने मृदा (मिट्टी) का नमूना लेने की वैज्ञानिक विधि की विस्तृत जानकारी दी।

संवाद सत्र के दौरान ग्राम प्रधानों सहित सैकड़ों किसानों ने विशेषज्ञों से अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त किया।

अंत में सभी किसानों ने रासायनिक उर्वरकों का कम इस्तेमाल कर सतत और लाभकारी ‘प्राकृतिक खेती’ को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

नोट: उत्तर प्रदेश के किसानों, कृषि योजनाओं और जौनपुर जनपद की हर ताज़ा अपडेट के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।

Santosh SETH

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