जौनपुर: DM की राशन वितरण पर सख्त बैठक, 1 माह में भरें कोटे की दुकानें
जौनपुर: DM सैमुअल पॉल एन. की सख्त चेतावनी— ‘राशन वितरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, 1 माह में भरें खाली कोटे की दुकानें’
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
जौनपुर के जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. (DM Samuel Paul N.) ने कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य एवं रसद तथा संबंधित विभागों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
इस बैठक में राशन कार्डों की ई-केवाईसी (e-KYC), खाद्यान्न वितरण, गैस होम डिलीवरी और पेट्रोल पंपों पर सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को बेहद सख्त निर्देश दिए गए।
राशन दुकानों और ई-पॉस (e-PoS) मशीनों पर कड़े निर्देश
जिलाधिकारी ने जिले में रिक्त और निलंबित चल रही 25 उचित दर (कोटे की) दुकानों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि एक माह के भीतर इन दुकानों पर चयन की कार्यवाही अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाए।
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ई-पॉस मशीनों की मॉनिटरिंग: कोटे की दुकानों पर राशन वितरण पारदर्शी हो, इसके लिए ‘इन्टिग्रा कम्पनी’ के तकनीकी सहायकों को नियमित रूप से ई-पॉस मशीनों की मॉनिटरिंग करने और कोई भी तकनीकी समस्या आने पर उसे तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए गए।
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नवनियुक्त विक्रेताओं को ट्रेनिंग: डीएम ने आदेश दिया कि जो भी नए कोटेदार नियुक्त किए जाएं, उन्हें दुकान आवंटन से पूर्व ही ई-पॉस मशीन चलाने का पूरा प्रशिक्षण (Training) दिया जाए।
ई-केवाईसी और खाद्यान्न की गुणवत्ता पर फोकस
सभी क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षकों (Supply Inspectors) को निर्देश दिया गया कि वे अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहें और यह सुनिश्चित करें कि कार्डधारकों को मानक के अनुसार ही राशन मिले।
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ई-केवाईसी का अल्टीमेटम: सभी पूर्ति निरीक्षकों को अगली समीक्षा बैठक तक अपने-अपने क्षेत्रों में राशन कार्डों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कार्य पूर्ण कराने का लक्ष्य दिया गया है।
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चावल की गुणवत्ता: जिला खाद्य विपणन अधिकारी को उचित दर दुकानों पर पहुंच रहे चावल की गुणवत्ता की निरंतर जांच करने का कड़ा निर्देश दिया गया।
गैस की होम डिलीवरी और पेट्रोल पंपों पर सुविधाओं की जांच
बैठक में पेट्रोलियम कंपनियों (BPCL, IOCL, HPCL) के सेल्स मैनेजर भी उपस्थित थे।
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समय पर गैस: जिलाधिकारी ने इन अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से समयबद्ध तरीके से रसोई गैस पहुंचाई जाए।
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पेट्रोल पंपों पर अलग शौचालय: जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) को निर्देश दिया गया कि वे जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर महिलाओं और पुरुषों के लिए ‘अलग-अलग शौचालय’ की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं।
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हेलमेट-सीटबेल्ट जागरूकता: पेट्रोल पंपों पर यातायात जागरूकता के लिए बोर्ड लगवाए जाएंगे। साथ ही, उपजिलाधिकारी (SDM) की गठित टीम द्वारा पेट्रोल-डीजल की गुणवत्ता की नियमित औचक जांच की जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी के आश्वासनों के बाद यह अहम बैठक संपन्न हुई, जिसमें कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।











