Jaunpur Anganwadi Summer Vacation Order

जौनपुर: आंगनबाड़ी केंद्रों में 15 जून तक बच्चों की छुट्टी, DM का आदेश

जौनपुर: भीषण गर्मी के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों की 15 जून तक छुट्टी, DM का आदेश जारी; लेकिन कार्यकत्रियों के लिए खुले रहेंगे केंद्र”

जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) के प्रकोप को देखते हुए जौनपुर जिला प्रशासन ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है।

जिलाधिकारी (DM) ने जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले 3 से 6 वर्ष के छोटे बच्चों के लिए 15 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation) की घोषणा कर दी है।

जिला सूचना कार्यालय (सू0वि0) द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे जिले में लागू कर दिया गया है।

बच्चों को लू से बचाने के लिए उठाया गया कदम

जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित और मान्यता प्राप्त बेसिक विद्यालयों में पहले से ही 15 जून तक गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं।

इसी तर्ज पर अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले मासूम बच्चों (3 से 6 वर्ष) को चिलचिलाती धूप और गर्म लू के थपेड़ों से बचाने के लिए यह अवकाश घोषित किया गया है, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहेंगे, कर्मचारियों को करना होगा काम

जिलाधिकारी के आदेश में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अवकाश केवल बच्चों के लिए है। इस घोषित अवकाश की अवधि में जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहेंगे।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को प्रतिदिन केंद्र पर उपस्थित रहना होगा और अपने विभागीय कार्यों का निष्पादन पूर्व की भांति करना होगा।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए निर्धारित प्रमुख कार्य

छुट्टियों के दौरान कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को निम्नलिखित कार्यों को सुचारु रूप से जारी रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं:

  • राशन वितरण (THR): टेक होम राशन (टी०एच०आर०) की प्राप्ति और लाभार्थियों के बीच इसका सुचारु वितरण सुनिश्चित करना।

  • टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच: वी०एच०एस०एन०डी० (VHSND) सत्र के दौरान गर्भवती महिलाओं और बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा टीकाकरण करवाना।

  • गृहभ्रमण और सत्यापन: नियमित रूप से घर-घर जाकर (गृहभ्रमण) सर्वे करना, नए लाभार्थियों का पंजीकरण करना और उनका सत्यापन करना।

  • पोषण ट्रैकर पर फीडिंग: समुदाय आधारित गतिविधियों का आयोजन करना तथा ‘पोषण ट्रैकर’ (Poshan Tracker) ऐप पर सभी इंडिकेटरों की दैनिक फीडिंग और विभागीय डाटा अपडेट करना।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन आवश्यक विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।