जौनपुर : DM ने बिजली विभाग का वेतन रोका, PWD-राजस्व को नोटिस
जौनपुर DM सैमुअल पाल एन का बड़ा एक्शन: IGRS शिकायतों में लापरवाही पर बिजली विभाग का वेतन रोका, PWD और राजस्व को नोटिस”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
जन शिकायतों के निस्तारण (IGRS) में लापरवाही बरतना जिले के कई अधिकारियों को भारी पड़ गया है।
जिलाधिकारी (DM) सैमुअल पाल एन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की है।
सबसे खराब प्रदर्शन और सर्वाधिक असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर बिजली विभाग के अधिकारियों का वेतन रोकते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बिजली विभाग पर गिरी गाज, PWD और राजस्व को नोटिस
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार शिकायतों के निस्तारण और उस पर जनता के फीडबैक की गहन समीक्षा की।
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विद्युत विभाग: समीक्षा में सामने आया कि बिजली विभाग के स्तर पर जनता की ओर से सबसे ज्यादा ‘असंतुष्ट फीडबैक’ दिए गए हैं।
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इसे घोर लापरवाही मानते हुए डीएम ने तुरंत संबंधित अधिकारियों का वेतन बाधित करने और स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया।
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PWD एवं राजस्व विभाग: लोक निर्माण विभाग (PWD) और राजस्व विभाग के स्तर पर भी शिकायतों के निस्तारण में भारी कमियां और अत्यधिक असंतुष्ट फीडबैक पाए गए।
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डीएम ने इन विभागों के अधिकारियों को भी कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम की सख्त हिदायत: ‘शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वोपरि’
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिया है कि आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली किसी भी शिकायत के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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नकारात्मक फीडबैक बर्दाश्त नहीं: डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी दशा में शिकायतों के निस्तारण के संबंध में नकारात्मक (Negative) फीडबैक प्राप्त नहीं होना चाहिए।
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उपस्थिति में हो समाधान: शिकायत का निस्तारण केवल कागजों पर न हो, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि को ध्यान में रखते हुए किया जाए।
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यदि आवश्यक हो, तो शिकायतकर्ता की उपस्थिति में ही निस्तारण की कार्यवाही पूरी की जाए।
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रैंकिंग न हो प्रभावित: उन्होंने सभी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि प्रदेश स्तर पर जनपद जौनपुर की आईजीआरएस रैंकिंग किसी भी दशा में प्रभावित न हो।
कमियां गिनाईं और सुधार के दिए सुझाव
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा पोर्टल पर अपलोड की गई निस्तारण आख्या (रिपोर्ट) को पढ़कर सुनाया गया।
डीएम ने इनमें मौजूद कमियों को उजागर किया और भविष्य में सुधार के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO), नगर मजिस्ट्रेट सहित अन्य सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
📊 न्यूज़ (एक नज़र में)
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विभाग / मुद्दा |
डीएम की कार्रवाई और निर्देश |
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⚡ विद्युत विभाग (Electricity) |
वेतन रोका गया; सर्वाधिक असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर स्पष्टीकरण तलब। |
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🛣️ PWD और राजस्व विभाग |
नोटिस जारी; अत्यधिक असंतुष्ट फीडबैक पर स्पष्टीकरण मांगा गया। |
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🎯 डीएम का सख्त फरमान |
शिकायतों का कागजी नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो। |
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📉 खराब आख्या (रिपोर्ट) पर फटकार |
बैठक में रिपोर्ट पढ़कर कमियां गिनाई गईं; जिले की रैंकिंग गिरने पर होगी सख्त कार्रवाई। |











