UP Chief Minister Yogi Adityanath addressing the public in Gorakhpur.

CM योगी ने 9 लाख किसानों को 493 करोड़ का मुआवजा जारी

CM योगी का 9 लाख से अधिक किसानों को बड़ा तोहफा: 493 करोड़ का मुआवजा जारी; कांग्रेस-सपा पर कसा कड़ा तंज”

गोरखपुर/लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत दी है।

 

सोमवार को गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 9,18,091 कृषकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 493 करोड़ रुपये की ‘कृषि निवेश अनुदान’ सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की।

इस अवसर पर सीएम योगी ने पिछली समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए भ्रष्टाचार और किसानों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।

“अब किसान का बिल नहीं आता, बिजली आती है”

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की सपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “पहले बिजली नहीं आती थी, लेकिन बिल जरूर आता था। अब स्थिति बदल गई है। डबल इंजन की सरकार में अन्नदाता किसान का बिल नहीं आता, बल्कि मुफ्त बिजली आती है।”

उन्होंने कहा कि सरकार ने मात्र 8 से 10 दिन के भीतर डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey) के आधार पर किसानों को फसल, मकान और पशुधन की क्षति का मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।

यह पैसा सीधे किसानों के खाते में जा रहा है, जिसमें कोई बिचौलिया सेंधमारी नहीं कर सकता।

सपा और कांग्रेस पर गंभीर आरोप: “किसानों का पैसा खा गए”

सीएम योगी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार में 100 रुपये भेजे जाते थे, लेकिन जरूरतमंद तक 15 रुपये ही पहुंचते थे। कांग्रेस और सपा के लोग बीच में ही पैसा खा जाते थे।”

हुदहुद चक्रवात (2014) का जिक्र:

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 में हुदहुद चक्रवात के दौरान केंद्र सरकार ने 3,200 करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार में किसानों तक केवल 800 करोड़ रुपये ही पहुंचे।

2017 में सरकार बनने के बाद इसकी जांच कराई गई और अलग से बजट देकर किसानों की भरपाई की गई। सीएम ने कहा, “सपा ने किसानों का पैसा खाया, इसलिए किसानों का श्राप उन्हें ले डूबा।”

आपदा राहत और मुआवजे के बड़े प्रावधान

मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रमुख प्रबंधों की जानकारी दी:

  • आवास योजना: क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1.20 लाख रुपये की अलग से सहायता दी गई है।

  • जनहानि मुआवजा: किसी प्राकृतिक आपदा में जनहानि होने पर संबंधित परिवार को 24 घंटे के अंदर 4 लाख रुपये दिए जा रहे हैं।

  • कृषक दुर्घटना बीमा: आकाशीय बिजली या प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने पर किसान या बटाईदार के परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता की व्यवस्था है।

  • अर्ली वार्निंग सिस्टम: आकाशीय बिजली और मौसम की पूर्व चेतावनी के लिए अर्ली वार्निंग वेदर सिस्टम और रेन गेज लगाए जा रहे हैं, जो SMS के जरिए लोगों को अलर्ट करते हैं।

धान और मोटे अनाज की बिना लिमिट खरीद

सीएम योगी ने घोषणा की कि अतिवृष्टि और जलभराव वाले जनपदों में 15 अक्टूबर से धान के साथ-साथ ज्वार, बाजरा और मक्का जैसे मोटे अनाजों के क्रय केंद्र शुरू हो जाएंगे।

किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि सरकार ने खरीद के लिए कोई सीमा (Target Limit) तय नहीं की है।

किसान अपनी उपज कहीं भी बेच सकते हैं, और यदि कोई नहीं खरीदेगा तो राज्य सरकार पूरी उपज खरीदेगी। भुगतान सीधा किसान के खाते में भेजा जाएगा।

📊  किसानों को राहत (एक नज़र में)

प्रमुख बिंदु (Key Highlights)

विस्तृत आंकड़े और योजनाएं (Details)

💸 डीबीटी (DBT) ट्रांसफर

9,18,091 कृषकों के खातों में 493 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि।

🏠 मकान और जनहानि

क्षतिग्रस्त मकान पर 1.20 लाख रुपये; जनहानि पर 24 घंटे में 4 लाख रुपये मुआवजा।

⚡ मुफ्त सिंचाई/बिजली

16 लाख निजी ट्यूबवेलों और सरकारी ट्यूबवेलों से किसानों को मुफ्त सिंचाई की सुविधा।

🌾 अनाज की खरीद (15 अक्टूबर से)

धान, ज्वार, बाजरा और मक्का की खरीद शुरू; खरीद की कोई लिमिट नहीं।

📡 अर्ली वार्निंग सिस्टम

आकाशीय बिजली से बचाव के लिए SMS अलर्ट सिस्टम; दुर्घटना बीमा के तहत 5 लाख की सहायता।

📊 पुराना ट्रैक रिकॉर्ड

2017 में सरकार बनते ही 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया था।