‘नाच न जाने आंगन टेढ़ा’: शिवराज का कांग्रेस पर तंज, बताया ‘अराजक भीड़’
‘नाच न जाने आंगन टेढ़ा’: शिवराज का कांग्रेस पर तीखा तंज, बोले- “राम विरोधी आज शिवजी की बरात की बात कर रहे”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक के विरोध मार्च से ठीक पहले, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर जोरदार जवाबी हमला बोला है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की चुनावी हार, नेतृत्व क्षमता और संवैधानिक संस्थाओं पर उठ रहे सवालों को लेकर करारा प्रहार किया है।
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस की स्थिति को ‘नाच न जाने आंगन टेढ़ा’ की कहावत से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी अपनी नाकामी और दिशाहीन नेतृत्व का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ रही है।
‘शिवजी की बरात’ नहीं, यह अराजक भीड़ है
राहुल गांधी द्वारा हाल ही में दिए गए ‘शिवजी की बरात’ वाले बयान पर तंज कसते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “जो लोग जीवनभर भगवान राम का विरोध करते रहे, वे आज शिवजी की बरात की बात कर रहे हैं।”
उन्होंने विपक्षी गठबंधन के इस विरोध मार्च को ‘शिवजी की बरात’ मानने से इनकार करते हुए इसे ‘सड़कों पर उतरी अराजक लोगों की भीड़’ करार दिया।
शिवराज ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस वामपंथियों, जॉर्ज सोरोस जैसी विदेशी ताकतों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) का सहारा ले रही है।
हालांकि, उन्होंने अपने इन आरोपों के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया।
संवैधानिक संस्थाओं पर हार का ठीकरा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी नाकामियों के कारणों पर विचार करने के बजाय कई वर्षों से देश की संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है।
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चुनाव आयोग: चुनाव हारने के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना कांग्रेस की आदत बन गई है।
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न्यायपालिका व सेना: शिवराज ने आरोप लगाया कि जब अदालत का फैसला कांग्रेस के अनुकूल नहीं होता,
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तो वे न्यायपालिका पर सवाल उठाते हैं और जब सेना आतंकवादियों पर कार्रवाई करती है, तो सुरक्षा बलों पर भी उंगली उठाई जाती है।
दशकों से कई राज्यों की सत्ता से बाहर है कांग्रेस
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के नेतृत्व को दिशाहीन बताते हुए कहा कि वे देश और जनता की नब्ज को नहीं समझते।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में पार्टी की अंदरूनी खींचतान और पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस आंतरिक कलह से जूझ रही है।
उन्होंने कांग्रेस के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का आंकड़ा पेश करते हुए बताया कि तीन-चार राज्यों को छोड़ दिया जाए, तो कांग्रेस पूरी तरह सहयोगी दलों (तमिलनाडु में DMK, बिहार में RJD और यूपी में SP/BSP) पर निर्भर हो चुकी है:
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तमिलनाडु: 59 साल से सत्ता से बाहर
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पश्चिम बंगाल: 49 साल से सत्ता से बाहर
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सिक्किम: 42 साल से सत्ता से बाहर
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उत्तर प्रदेश: 37 साल से सत्ता से बाहर
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बिहार: 36 साल से सत्ता से बाहर
📊 शिवराज का कांग्रेस पर ‘हल्ला बोल’
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मुद्दा (Issue) |
शिवराज सिंह चौहान के आरोप और बयान (Statements/Claims) |
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🗣️ ‘शिवजी की बरात’ बयान |
“जो जिंदगी भर राम का विरोध करते रहे, वे आज शिवजी की बरात की बात कर रहे हैं। यह बरात नहीं, अराजक भीड़ है।” |
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🏛️ संवैधानिक संस्थाओं पर हमला |
हारने पर चुनाव आयोग, मनमाफिक फैसला न आने पर न्यायपालिका और आतंकवादियों पर एक्शन होने पर सेना पर सवाल उठाने का आरोप। |
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📉 चुनावी हार का कारण |
हार का कारण EVM या चुनाव आयोग नहीं, बल्कि कांग्रेस का दिशाहीन नेतृत्व है। (‘नाच न जाने आंगन टेढ़ा’)। |
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🌍 विदेशी ताकतों का जिक्र |
दावा किया कि सत्ता के लिए कांग्रेस जॉर्ज सोरोस, वामपंथियों और विदेशी NGOs के इशारे पर काम कर रही है। |
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🤝 सहयोगियों पर निर्भरता |
तमिलनाडु, यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों में दशकों से सत्ता से बाहर; सिर्फ सहयोगी दलों (DMK, RJD, SP) के सहारे राजनीति। |











