aunpur District Magistrate Samuel Paul N inspecting the construction site of the railway overbridge and 100-bed hospital

जौनपुर: DM ने अस्पताल निर्माण में लापरवाही पर लगाई फटकार

जौनपुर: विकास कार्यों की सुस्त चाल पर DM सैमुअल पॉल एन. सख्त, 100 बेड के अस्पताल निर्माण में लापरवाही पर कार्यदायी संस्था को लगाई कड़ी फटकार”

जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में शासन की विकास परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है।

‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. ने बुधवार देर शाम जिले की दो प्रमुख निर्माण परियोजनाओं का औचक स्थलीय निरीक्षण किया।

डीएम ने एक ओर जहां रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के काम पर संतोष जताया, वहीं मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत बन रहे 100 शैयायुक्त (बेड) अस्पताल के निर्माण में भारी लापरवाही और खराब गुणवत्ता मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को कड़ी फटकार लगाई।

रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण: ‘जून 2027 तक हर हाल में पूरा हो काम’

जिलाधिकारी ने सबसे पहले जफराबाद-सुल्तानपुर-लखनऊ रेल सेक्शन पर जौनपुर (सिटी यार्ड) के सम्पार संख्या 09 बी (NH-231 के किमी 169.10) पर निर्माणाधीन 4-लेन रेल उपरिगामी सेतु (Overbridge) का निरीक्षण किया।

  • प्रगति संतोषजनक: निरीक्षण के दौरान सेतु निगम के कार्यों की भौतिक प्रगति संतोषजनक पाई गई।
  • निर्देश: डीएम ने उ.प्र. राज्य सेतु निगम लिमिटेड के अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण स्थल पर श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जाए और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए।
  • लक्ष्य: उन्होंने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को निर्धारित लक्षित समयावधि यानी जून 2027 तक गुणवत्ता के साथ पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।

डीएम ने कहा कि इस 4-लेन ओवरब्रिज के चालू होने से क्षेत्र की जनता को जाम के झाम से बड़ी राहत मिलेगी और आवागमन बेहद सुगम व सुरक्षित हो जाएगा।

इस दौरान सेतु निर्माण निगम के परियोजना प्रबन्धक जे.पी. गुप्ता और जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मौजूद रहे।

सिकरारा अस्पताल में लापरवाही पर भड़के DM

इसके उपरांत, जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) सिकरारा का रुख किया। यहां मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अंतर्गत पीएचसी को उच्चीकृत कर 100 शैयायुक्त (बेड) चिकित्सालय के रूप में विकसित किया जा रहा है।

  • गुणवत्ता पर सवाल: निरीक्षण के दौरान अस्पताल निर्माण की भौतिक प्रगति बहुत धीमी पाई गई और काम की गुणवत्ता भी बेहद खराब थी।
  • नाराजगी: इस घोर लापरवाही को देखकर डीएम भड़क गए और उन्होंने संबंधित अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्था के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

‘गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं, गेट पर लगाएं बोर्ड’

जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है।

“निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी काम निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप ही होने चाहिए। कार्यदायी संस्था तुरंत निर्माण कार्य में तेजी लाए।”

इसके साथ ही, डीएम ने निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर के सामने एक बड़ा ‘सूचना बोर्ड’ लगाया जाए, जिस पर परियोजना का पूरा विवरण, लागत, कार्यदायी संस्था का नाम और कार्य पूरा होने की समयसीमा (Deadline) स्पष्ट रूप से दर्ज हो।

उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।