जौनपुर: दिव्यांगजनों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए अहम बैठक
जौनपुर: दिव्यांगजनों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की बड़ी पहल, उच्च शिक्षा व रोजगार के लिए विकास भवन में हुई अहम बैठक”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : अब्दुल हई राजा की रिपोर्ट
समाज के दिव्यांग (विशेष रूप से सक्षम) वर्ग को सशक्त बनाने, उन्हें उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर करने और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से जौनपुर में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, जिला प्रशासन और शिक्षा जगत के दिग्गजों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए विकास भवन सभागार में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक की अध्यक्षता ‘डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ’ के माननीय कुलपति प्रोफेसर संजय सिंह ने की।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी राजेश कुमार नायक ने इस अहम बैठक की विस्तृत जानकारी साझा की है।
कुलपति का जोर: ‘शिक्षा से ही मुख्य धारा में जुड़ेंगे दिव्यांग’
बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर संजय सिंह ने दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास पर विशेष बल दिया।
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उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की शिक्षा में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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प्रो. सिंह ने उनकी उच्च शिक्षा (Higher Education) और व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) पर जोर देते हुए कहा कि यही वह माध्यम है जिससे इस वर्ग को समाज की मुख्य धारा से मजबूती के साथ जोड़ा जा सकता है।
कई प्रमुख विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए आयोजित इस समन्वय बैठक में शिक्षा और समाज कल्याण से जुड़े कई प्रमुख अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी उपस्थित रहे:
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जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS)
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) के प्रतिनिधि
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जिला समाज कल्याण अधिकारी
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जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी
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दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग में पंजीकृत एवं संचालित विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं (NGOs) के प्रबंधक और सचिव।
सकारात्मक दिशा में बढ़ा कदम
कार्यक्रम का सफल संचालन जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जौनपुर राजेश कुमार नायक द्वारा किया गया।
उन्होंने बैठक के अंत में सभी अतिथियों, अधिकारियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
प्रशासन की इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि जौनपुर जिले में दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।











