जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में भू-जल संरक्षण समीक्षा बैठक

जौनपुर: ‘भू-जल सप्ताह’ में डीएम ने किया जल संरक्षण का संकल्प

जल संरक्षण का करें संकल्प: जौनपुर में ‘भू-जल सप्ताह’ पर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को दिए कड़े निर्देश”

जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट 

जनपद में गिरते भू-जल स्तर को थामने और जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।

कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में ‘भू-जल सप्ताह-2026’ के अंतर्गत आयोजित समीक्षा बैठक में जल संवर्धन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं पर मंथन किया गया।

16 से 22 जुलाई तक आयोजित इस सप्ताह की थीम “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” को धरातल पर उतारने के लिए विभागों को ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने दिए प्रभावी कार्ययोजना के निर्देश

बैठक में जिलाधिकारी ने जल संरक्षण की शपथ दिलाई और स्पष्ट किया कि जल की एक-एक बूंद अमूल्य है। उन्होंने निम्नलिखित निर्देश दिए:

  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण: विशेष रूप से क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल विकास खंडों में भू-जल स्तर सुधारने के लिए वैज्ञानिक कार्ययोजना तैयार की जाए।

  • अमृत सरोवरों का कायाकल्प: तालाबों के पुनर्जीवन, अमृत सरोवरों को सुदृढ़ करने और रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के व्यापक क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

  • सरकारी भवनों में अनिवार्य व्यवस्था: सभी नए एवं निर्माणाधीन सरकारी भवनों में ‘रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम’ लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, पुराने भवनों में भी इसे स्थापित करने के लिए मोटिवेट किया जाएगा।

  • पार्कों में नई व्यवस्था: नगर क्षेत्र के पार्कों में ‘स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली’ विकसित करने और भू-जल के स्थान पर उपचारित (ट्रीटेड) जल का उपयोग करने के निर्देश दिए गए, ताकि भू-जल का दोहन कम हो सके।

जन-आंदोलन बनाने का आह्वान

जिलाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-आंदोलन बनना चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालयों, ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।

साथ ही, सभी खंड विकास अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन पंचायत सचिवालयों में बैठकर जल संरक्षण कार्यों की मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।

उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे वर्षा जल संचयन को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं, जल स्रोतों को स्वच्छ रखें और जल की बर्बादी रोककर भावी पीढ़ियों के लिए इस अनमोल संसाधन को सुरक्षित रखें।