जौनपुर DM डॉ. दिनेश चंद्र ने फार्मर रजिस्ट्री प्रचार वाहन को किया रवाना | The Politics Again
“जौनपुर: DM डॉ. दिनेश चंद्र ने ‘फार्मर रजिस्ट्री’ प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी, 71% किसानों का पंजीकरण पूरा “
जौनपुर (The Politics Again): सुनील कुमार की रिपोर्ट
जनपद जौनपुर के सभी किसानों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक बड़ा अभियान तेज कर दिया है।
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने कलेक्ट्रेट परिसर से ‘फार्मर रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) के प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह प्रचार वाहन जिले के सभी विकासखंडों (Blocks) और गांव-गांव जाकर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के प्रति जागरूक करेगा और उन्हें इससे जुड़ी सुविधाओं के लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी देगा।
क्यों जरूरी है फार्मर रजिस्ट्री?
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में खेती-किसानी से जुड़ी अधिकांश सरकारी योजनाओं का लाभ केवल उसी किसान को मिलेगा, जिसकी फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी होगी।
-
प्रमुख लाभ: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan), धान और गेहूं की सरकारी खरीद (MSP), फसल बीमा योजना, और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी सभी बड़ी योजनाओं को अब फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही लिंक किया जाएगा।
-
इसलिए, प्रत्येक किसान के लिए यह पंजीकरण कराना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
कैसे कराएं अपनी ‘फार्मर रजिस्ट्री’?
प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए पंजीकरण के कई आसान विकल्प उपलब्ध कराए हैं:
-
जनसेवा केंद्र (CSC): किसान अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाकर आसानी से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
-
स्वयं मोबाइल से: किसान अपने स्मार्टफ़ोन पर फार्मर रजिस्ट्री का लिंक डाउनलोड कर खुद भी अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
-
सरकारी कर्मचारियों की मदद: कृषि, राजस्व और पंचायत विभाग के कर्मचारी भी गांव-गांव जाकर किसानों को रजिस्ट्री कराने में सहयोग कर रहे हैं।
जौनपुर में 71% लक्ष्य हासिल
जिलाधिकारी ने खुशी जताते हुए बताया कि प्रशासन के लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप जौनपुर जनपद में अब तक 71 प्रतिशत से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है।
अधिकारियों को उम्मीद है कि इस सघन प्रचार अभियान से जल्द ही जिले के शत-प्रतिशत किसानों को इस योजना से जोड़ लिया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर उप निदेशक कृषि डा. बी.बी. द्विवेदी, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) डा. रमेश चंद्र यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।











