Kanpur ITBP Jawan Mother Case

कानपुर: पुलिस कमिश्नर ऑफिस में घुसे ITBP जवान, नहीं रोक पाए पुलिसकर्मी

कानपुर: इलाज में लापरवाही से ITBP जवान की मां का कटा हाथ, CMO की ‘क्लीन चिट’ पर बवाल, कमिश्नर ने बनाई नई जांच कमेटी”

कानपुर: द  पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

कानपुर के एक निजी अस्पताल में इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) के एक जवान की मां के इलाज में कथित लापरवाही और अंततः उनका हाथ काटे जाने के मामले ने अब एक बड़ा प्रशासनिक और पुलिसिया तूल पकड़ लिया है।

अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से शुरू हुआ यह विवाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की संदिग्ध भूमिका के बाद और गहरा गया है।

मामले में अस्पताल को राहत मिलने से नाराज ITBP जवान अपने वरिष्ठ अधिकारियों और कमांडर के साथ सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए और न्याय की गुहार लगाई।

इलाज के दौरान बिगड़ गई थी हालत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ITBP जवान विकास सिंह ने अपनी मां को इलाज के लिए कानपुर के ‘कृष्णा अस्पताल’ में भर्ती कराया था।

परिजनों का सीधा आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों की घोर लापरवाही और गलत इलाज के कारण उनकी मां की हालत अचानक बेहद बिगड़ गई।

संक्रमण या अन्य जटिलताओं के चलते नौबत यहां तक आ गई कि डॉक्टरों को उनकी मां का एक हाथ काटना पड़ा।

इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

CMO की ‘क्लीन चिट’ से भड़के ITBP जवान

इस पूरे प्रकरण की प्रारंभिक जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को पत्र भेजा गया था। लेकिन विवाद तब और गहरा गया जब सीएमओ कार्यालय की ओर से अस्पताल को क्लीन चिट देने जैसी रिपोर्ट सामने आई।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जांच रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण और तकनीकी बिंदुओं को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया और उन्हें स्पष्ट नहीं किया गया।

इस एकतरफा रिपोर्ट से नाराज भारी संख्या में ITBP के जवान अपने कमांडर के नेतृत्व में कानपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए।

जवानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें सीएमओ की जांच प्रक्रिया पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। उन्होंने मामले की एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग रखी।

पुलिस कमिश्नर का एक्शन, नई जांच कमेटी गठित

मामले की गंभीरता और ITBP जवानों के भारी आक्रोश को देखते हुए कानपुर पुलिस कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से एक्शन लिया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों और सीएमओ को तलब कर एक आपात बैठक की। पुलिस कमिश्नर ने पूरे मामले की दोबारा और पारदर्शी समीक्षा के लिए एक ‘नई जांच कमेटी’ गठित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजने के साथ-साथ लखनऊ स्तर पर भी इसकी गहन समीक्षा कराई जाएगी।

नई जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।

विवादों में CMO की कार्यशैली

इस घटना ने कानपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की कार्यशैली पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

आरोप है कि पिछले कुछ समय से कई अन्य मामलों में भी उनकी भूमिका विवादों के घेरे में रही है। अब कृष्णा अस्पताल को इतनी आसानी से राहत देने वाली रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज हो गई है।

फिलहाल, ITBP जवान जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक अपनी लड़ाई जारी रखने पर अड़े हुए हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस कमिश्नर द्वारा गठित नई जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं।